मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का विरोध, 10 जनवरी से ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन ऐलान

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शिमला, 08 जनवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम और स्वरूप में बदलाव किए जाने के कांग्रेस के आरोपों को लेकर पार्टी ने विरोध तेज कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा का नाम बदलकर “जी राम जी” किया गया है और 100 दिन के रोजगार की गारंटी को कमजोर किया जा रहा है। इसी के खिलाफ कांग्रेस 10 जनवरी से हिमाचल प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेगी।

यह फैसला वीरवार को शिमला स्थित राजीव भवन में हुई बैठक में लिया गया। जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद यह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार की जिला अध्यक्षों के साथ पहली बैठक थी। बैठक में उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक जाकर प्रदर्शन आयोजित करें और लोगों को मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर जागरूक करें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ कर रही है, जिससे गरीबों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बदलाव का लगातार विरोध करेगी और जब तक केंद्र सरकार मनरेगा में किए गए कथित बदलावों को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

विनय कुमार ने यह भी कहा कि जिला अध्यक्षों के साथ हुई बैठक में संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि नई नियुक्तियों में महिलाओं, युवाओं और अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है। जो नेता जिला अध्यक्ष की दौड़ में थे, उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है और जिन दो जिलों में अध्यक्षों की तैनाती बाकी है, वहां भी जल्द नियुक्ति कर दी जाएगी।

कांग्रेस नेताओं ने बैठक के दौरान 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी का भरोसा जताया और कहा कि पार्टी जमीनी मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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