मणिमहेश यात्रा 25 अगस्त तक स्थगित, 26 से मौसम अनुकूल होने पर फिर शुरू होगी

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शिमला, 23 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश के कारण प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को 25 अगस्त तक रोक दिया गया है। जिला प्रशासन ने यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए लिया है। तोस के गोठ के पास बारिश से यात्रा मार्ग का एक हिस्सा खराब हो गया है और उसे ठीक करने का काम चल रहा है।

उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मार्ग की स्थिति को देखते हुए अगले तीन दिन यात्रा स्थगित रहेगी। प्रशासन की ओर से खराब हिस्से की मरम्मत कर रास्ते को सुरक्षित बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि 25 अगस्त तक यात्रा मार्ग पर जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

उपायुक्त ने कहा कि मौसम और रास्ते की स्थिति अनुकूल रहने पर 26 अगस्त से यात्रा फिर शुरू की जाएगी। संबंधित विभागों को मार्ग की लगातार निगरानी करने और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन, फिसलन और अचानक रास्ता खराब होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा रोकने का निर्णय लिया गया है।

मणिमहेश की ओर श्रद्धालुओं की अनौपचारिक आवाजाही हर साल आधिकारिक यात्रा अवधि से पहले शुरू हो जाती है। इस साल जिला चंबा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार श्री मणिमहेश यात्रा 4 सितंबर से 19 सितंबर तक आयोजित होगी। इस दौरान पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराने के बाद उसकी रसीद का प्रिंटआउट साथ रखना होगा। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम पांच लोगों का एक आवेदन किया जा सकता है।

भरमौर क्षेत्र में बीएसएनएल, जियो और एयरटेल की सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कई जगह नेटवर्क कमजोर रहने की सूचना प्रशासन ने दी है। इंटरनेट की धीमी गति या ओटीपी नहीं मिलने की परेशानी हो सकती है। इसलिए श्रद्धालुओं को भरमौर पहुंचने से पहले पंजीकरण पूरा करने की सलाह दी गई है। हड़सर बेस कैंप में मेडिकल जांच भी होगी। अस्वस्थ पाए जाने वाले व्यक्ति को यात्रा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 75 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति के मामले में भी चिकित्सकीय रूप से अस्वस्थ पाए जाने पर यात्रा की अनुमति नहीं होगी।

मणिमहेश झील भरमौर से करीब 21 किलोमीटर दूर बुद्धिल घाटी में लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसके ऊपर कैलाश पर्वत की चोटी है, जिसकी ऊंचाई करीब 18,564 फीट बताई जाती है। भगवान शिव को इस तीर्थ का अधिष्ठाता देवता माना जाता है। हड़सर से आगे धनछो प्रमुख पड़ाव है। झील से करीब एक किलोमीटर पहले गौरी कुंड और शिव क्रोत्री स्थित हैं, जिनका भी धार्मिक महत्व है। श्रद्धालु परंपरा के अनुसार यहां स्नान करते हैं और फिर मणिमहेश झील की ओर बढ़ते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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