बॉयोमेट्रिक हाजिरी के बाद कॉलेज से गायब होने वाले शिक्षकों पर सख्ती, कक्षाएं लेना अनिवार्य

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बॉयोमेट्रिक हाजिरी के बाद कॉलेज से गायब होने वाले शिक्षकों पर सख्ती, कक्षाएं लेना अनिवार्य


शिमला, 07 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगाने के बाद बिना सूचना संस्थान से चले जाने वाले शिक्षकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि किसी शिक्षक की उपस्थिति का आकलन केवल बॉयोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर नहीं किया जाएगा। शिक्षक की उपस्थिति तभी पूरी मानी जाएगी, जब वह तय समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से कक्षाएं और प्रायोगिक कार्य भी कराए।

उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में सभी सरकारी और संस्कृत कॉलेजों, एससीईआरटी सोलन तथा सार्वजनिक और राज्य पुस्तकालयों के सभी प्रधानाचार्यों और प्रभारियों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि निदेशालय के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जिनमें कुछ शिक्षक बॉयोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी दर्ज करने के बाद संबंधित अधिकारियों को बिना सूचना दिए संस्थान से चले जाते हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित होती है और शिक्षकों की जवाबदेही पर भी सवाल उठते हैं।

उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि केवल बॉयोमेट्रिक रिकॉर्ड को शिक्षक की उपस्थिति का पर्याप्त प्रमाण नहीं माना जा सकता। सभी प्रधानाचार्यों और प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षक निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी कक्षाएं और प्रायोगिक कार्य नियमित रूप से संचालित करें।

आदेश में यह भी कहा गया है कि शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े कार्यों और संस्थान के प्रशासनिक दायित्वों में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी संस्थानों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए कहा है।

नए निर्देशों के बाद कॉलेजों में केवल बॉयोमेट्रिक हाजिरी दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा। शिक्षकों को अपने शिक्षण कार्य के साथ अन्य निर्धारित जिम्मेदारियों का भी नियमित रूप से निर्वहन करना होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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