देहरा पुलिस ने 7 नव निर्वाचित पंचायतों में की नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित
धर्मशाला, 21 अगस्त (हि.स.)। पुलिस जिला देहरा द्वारा नशे के दुरुपयोग की रोकथाम एवं नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के अंतर्गत विभिन्न पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाली 7 नव निर्वाचित पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठकें एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन बैठकों में नशा निवारण समितियों के सदस्य, नव निर्वाचित पंचायत प्रधान, उप-प्रधान, पंचायत सदस्य एवं स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर नशे एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नशे की रोकथाम के लिए सामुदायिक सहभागिता एवं सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना रहा।
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान पुलिस अधीक्षक पुलिस जिला देहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीपीओ ज्वालामुखी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा संबंधित पंचायतों/विद्यालयों का व्यक्तिगत रूप से दौरा कर उपस्थित लोगों से संवाद किया। इस दौरान विशेष रूप से युवाओं को नशे एवं मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया तथा नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों एवं युवाओं को खेलकूद, शिक्षा तथा अन्य रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही, किसी भी प्रकार की संदिग्ध नशा-संबंधी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने तथा नशे के विरुद्ध पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों, नशा निवारण समिति के सदस्यों एवं स्थानीय निवासियों ने नशे के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करने तथा अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करने का संकल्प लिया।
पुलिस जिला देहरा द्वारा स्पष्ट किया गया कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, पंचायत, समुदाय एवं प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रभावी कानून प्रवर्तन के साथ-साथ जन-जागरूकता एवं सामुदायिक सहयोग के माध्यम से ही युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

