गेहूं की बिजाई से वंचित किसानों के नुकसान की भरपाई करेगा कंटीजेंट प्लान 

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नाहन, 02 जनवरी (हि.स.)। जिला सिरमौर में गेहूं की बिजाई से वंचित किसानों के नुकसान की भरपाई कृषि विभाग का कंटीजेंट प्लान करेगा। इसके तहत विभाग ने वैकल्पिक फसल के तौर पर ऐसे किसानों को 1100 क्विंटल आलू का बीज वितरित किया है।

जिला सिरमौर के कृषि उपनिदेशक डॉ राज कुमार ने बताया कि जिला सिरमौर में गेहूं की बिजाई तीन चरणों में होती है। पहला अर्ली सीजन 15 अक्तूबर से 15 नवम्बर तक, दूसरा मिड सीजन 15 नवम्बर से 15 दिसंबर तक और इसके बाद लेट सीजन रहता है। जिले के मैदानी इलाकों नाहन और पांवटा साहिब ब्लॉक सिंचित क्षेत्र होने के कारण यहां सिंचाई सुविधाओं की उपलब्धता से अर्ली व मिड सीजन में गेहूं की बिजाई समय रहते पूरी कर ली गई। वहीं ऊपरी क्षेत्रों में किसानों ने रात के समय मिलने वाली नमी, पाला व मॉश्चर के सहारे लेट सीजन में भी गेहूं की बिजाई कर ली है, लेकिन जिले के अत्यधिक सूखे क्षेत्रों, जिन्हें ब्रेरन लैंड या ड्राई लैंड कहा जाता है, वहां के किसान अब तक गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए हैं। ऐसे किसानों के लिए कृषि विभाग ने कंटीजेंट प्लान के तहत राहत कदम उठाए हैं।

उन्होंने गेहूं की बिजाई से वंचित किसानों को वैकल्पिक फसल के रूप में आलू की बिजाई करने की सलाह दी गई है। इसके लिए करीब 1100 क्विंटल आलू का बीज किसानों को उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में यह कंटीजेंट प्लान संबंधित किसानों के नुकसान की भरपाई कर पाएगा।

उल्लेखनीय है कि जिला सिरमौर में सामान्यतः लगभग साढ़े 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई की जाती है। कृषि विभाग ने किसानों से आह्वान किया है कि जो किसान अब तक गेहूं की बिजाई नहीं कर सके हैं, वे समय रहते आलू की बिजाई कर लें, ताकि उनकी आर्थिक क्षति को कम किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

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