गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
नाहन, 27 जुलाई (हि.स.)। सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में देशव्यापी “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत गौ भक्तों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आवाज उठाई है। इस अभियान के अंतर्गत गौ भक्तों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन के माध्यम से गौ भक्तों ने मांग की है कि सनातन संस्कृति और देश की सामाजिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली गाय को अविलंब ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही, गोवंश के संरक्षण और संवर्धन को समर्पित एक पृथक केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय के गठन की पुरजोर वकालत की गई है, ताकि देशभर में गौ रक्षा और गौ संवर्धन के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम हो सके।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे गौ भक्तों ने देश में गोवंश की मौजूदा दयनीय स्थिति पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही गो-तस्करी और अवैध गोवध अत्यंत चिंताजनक है। ज्ञापन में केंद्र व राज्य सरकारों से मांग की गई है कि गो-तस्करी और गोवध में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जाए और इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर गैर-जमानती व कठोर कानून लागू किए जाएं।
स्थानीय संदर्भ पर बात करते हुए गौ भक्तों ने हिमाचल प्रदेश में गोवंश की स्थिति पर विशेष चिंता जाहिर की। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश भर की सड़कों पर लगभग 36 हजार बेसहारा गोवंश लावारिस घूमने को मजबूर हैं। गौशालाओं की अपर्याप्त व्यवस्था और देखरेख के अभाव में ये पशु दर-दर भटक रहे हैं।
गौ भक्तों ने कहा कि सड़कों पर खुले घूम रहे इस गोवंश के कारण आए दिन दर्दनाक सड़क हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में जहां एक ओर वाहन चालकों व आम जनता की जान-माल का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कई बेसहारा पशु भी गंभीर रूप से घायल होकर तड़प-तड़पकर दम तोड़ देते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि “गौ सम्मान आह्वान अभियान” का मुख्य उद्देश्य गोवंश को सुरक्षा, सम्मान और अधिकार दिलाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने गोवंश के संरक्षण और कानून बनाने की दिशा में शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए, तो इस अभियान को जन-जन तक ले जाकर आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

