वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बैंक सक्रिय भूमिका निभाएं : प्रियांशु खाती

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वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बैंक सक्रिय भूमिका निभाएं : प्रियांशु खाती


मंडी, 23 सितंबर (हि.स.)। जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति तथा आरसेटी की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार मंडी मेंआयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के दौरान बैंकों की प्रगति, वार्षिक ऋण योजना, आरसेटी, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न बैंकिंग एवं ऋण योजनाओं की समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वित्तीय समावेशन सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए बैंकों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में नियमित रूप से वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल लेन-देन तथा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी मिल सके। उन्होंने बैंकों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के लंबित मामलों की जानकारी संबंधित लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाने तथा लंबित मामलों के कारण स्पष्ट करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध हो सके।

बैठक में डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि योजना के तहत ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक है, पात्रता शर्तें पूरी करने पर योजना का लाभ बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ले सकते हैं। पात्र विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20लाख रुपये का शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। योजना के तहत प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पात्र संस्थान में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी पात्र होंगे।

बैठक में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान तथा किसान क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि आरसेटी के तहत पहली तिमाही में चार बैचों में 105 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। पहली तिमाही में 36,702 किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए अब जिला में 30 जून तक एक लाख 3 हजार 355 किसान क्रेडिट कार्डधारक हैं। किसान क्रेडिट कार्ड बढ़ाने के लिए बैंक अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने तथा सभी पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

लीड बैंक मैनेजर चंद्र प्रकाश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक ऋण योजना के तहत 30 जून, 2026 तक पहली तिमाही में 5,440.45 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 1,789.93 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। इस प्रकार कुल 32.90 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में 4,450.14 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 1,332.22 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर 29.94 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। कृषि क्षेत्र में 2,391.69 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 549.39 करोड़ रुपए यानी 22.97 प्रतिशत, जबकि एमएसएमई क्षेत्र में 1,503.32 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 750.54 करोड़ रुपए यानी 49.93 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में 555.13 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 32.29 करोड़ रुपए यानी 5.82 प्रतिशत उपलब्धि रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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