योग और आत्मरक्षा का समन्वय युवाओं को बनाता है शारीरिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त :अनुपमा सिंह

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योग और आत्मरक्षा का समन्वय युवाओं को बनाता है शारीरिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त :अनुपमा सिंह


मंडी, 12 अप्रैल (हि.स.)। सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी की पूर्व प्रो वाइस-चांसलर एवं डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. अनुपमा सिंह ने कहा कि सनातन परंपरा में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और आत्मबल को सशक्त करना है। योग और आत्मरक्षा का समन्वय आज के युवाओं को मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वे गुरुकुल सनातन शास्त्र विद्या में सनातन शास्त्र विद्या, योग एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण के अंतर्गत विशेष परीक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि शामिल हुई।

इस अवसर पर युवा प्रतिभागियों ने अपने उत्कृष्ट कौशल, अनुशासन, आंतरिक शक्ति एवं आत्मरक्षा तकनीकों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों एवं अभिभावकों ने सराहा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रमुख प्रशिक्षक अजय ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने अनुशासन, समर्पण और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट परिचय दिया। उनके नेतृत्व में युवाओं को न केवल आत्मरक्षा की तकनीकों में दक्ष बनाया जा रहा है, बल्कि उनमें संस्कार, संयम और राष्ट्रप्रेम की भावना भी विकसित की जा रही है।

कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है, ताकि वे समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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