श्मशान घाट में लकड़ी मंहगी, अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार

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श्मशान घाट में लकड़ी मंहगी, अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार


शिमला, 02 दिसंबर (हि.स.)। महंगाई की मार अब अंतिम संस्कार पर भी असर डाल रही है। दाह संस्कार में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी के दाम बढ़ाए जाने के विरोध में मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता और गदर फ्रंट संस्था के संयोजक रवि कुमार दलित संजौली स्थित श्मशान घाट में सांकेतिक अनशन पर बैठ गए। उन्होंने बढ़े हुए दाम तुरंत वापस लेने की मांग उठाई और चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार संजौली श्मशान घाट सनातन धर्म सभा के अधीन है। पहले यहां दाह संस्कार के लिए एक मन लकड़ी का मूल्य 350 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 450 रुपये कर दिया गया है। श्मशान घाट में लकड़ी उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी सभाओं के पास होती है और मोक्षधाम उन्हीं के अधीन संचालित होते हैं।

रवि कुमार दलित का कहना है कि एक शव के अंतिम संस्कार में लगभग 12 से 14 मन लकड़ी लगती है, जिससे अब लोगों को करीब 1400 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थान वह है जहां अमीर और गरीब दोनों आते हैं, लेकिन बढ़े दामों का सबसे ज्यादा बोझ गरीब परिवारों पर पड़ा है।

रवि कुमार ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर पहले ही उपायुक्त शिमला और एसपी को ज्ञापन भेजा था, लेकिन वहां से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। मजबूरी में उन्हें श्मशान घाट में ही सांकेतिक अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि दाह संस्कार की लकड़ी जैसी संवेदनशील जरूरत पर दाम बढ़ाना बेहद शर्मनाक निर्णय है और सरकार व जिला प्रशासन को जनता को राहत देनी चाहिए थी, न कि आर्थिक बोझ।

उन्होंने कहा कि यह सांकेतिक धरना प्रशासन को जगाने का प्रयास है और यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को बड़ा रूप दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन और सरकार से अपील की कि लकड़ी के दाम तुरंत वापस लिए जाएं और लोगों को राहत दी जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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