वाइल्ड फ्लावर हॉल से हिमाचल को हर साल मिलेंगे 37 करोड़ रुपये, 23 साल से नहीं हुई थी कमाई : मुख्यमंत्री सुक्खू

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वाइल्ड फ्लावर हॉल से हिमाचल को हर साल मिलेंगे 37 करोड़ रुपये, 23 साल से नहीं हुई थी कमाई : मुख्यमंत्री सुक्खू


शिमला, 31 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की शिमला स्थित मशहूर वाइल्ड फ्लावर हॉल संपत्ति से राज्य सरकार को अब हर साल करीब 37 करोड़ रुपये की कमाई होगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को कहा कि इस संपत्ति से पिछले 23 साल में राज्य को कोई राजस्व नहीं मिला था। सरकार ने कानूनी प्रयासों के बाद इस मामले में सफलता हासिल की है और अब तक 401 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं। संपत्ति से होने वाली आय को जनकल्याण और विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल का मामला वर्ष 2003 से लंबित था। सरकार ने लगातार और प्रभावी कानूनी प्रयास किए, जिसके बाद उसे अनुकूल परिणाम मिला। अब इस संपत्ति से ई-नीलामी के माध्यम से हर साल करीब 37 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह पैसा प्रदेश के लोगों का है और इसका इस्तेमाल उनके कल्याण तथा विकास के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि सरकार की पारदर्शिता, ईमानदारी और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वित्तीय आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए लगातार काम कर रही है।

सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि वह आरडीजी बहाल करने के मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाने के लिए तैयार थे। इसके लिए भाजपा नेताओं के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जाने पर भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन भाजपा नेता इस मुद्दे पर उनका साथ देने के लिए तैयार नहीं हुए। मुख्यमंत्री के अनुसार, आरडीजी बंद होने से प्रदेश को हर साल करीब 8,000 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य को करीब 1,600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देना बंद कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Livevns.news Desk
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