गुणवत्तायुक्त शिक्षा ही समावेशी एवं दीर्घकालिक विकास का आधार : विक्रमादित्य सिंह
सोलन, 02 जून (हि.स.)। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि गुणवत्तायुक्त शिक्षा ही समावेशी और दीर्घकालिक विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश के सबसे अधिक साक्षर राज्यों में शामिल है, जिसका श्रेय प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. यशवंत सिंह परमार की दूरदर्शी सोच तथा विभिन्न समय पर रहे नेतृत्व के प्रयासों को जाता है।
विक्रमादित्य सिंह मंगलवार को सोलन स्थित प्रतिष्ठित दी लॉरेंस स्कूल, सनावर के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दी लॉरेंस स्कूल, सनावर अपनी समृद्ध शैक्षणिक परंपरा और उत्कृष्ट पठन-पाठन के लिए देशभर में जाना जाता है। यहां के विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर विद्यालय और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने विकास के सभी मानकों पर एक आदर्श हिमाचल की परिकल्पना की थी और वह उस सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ समाज सेवा को भी अपना ध्येय बनाएं। उन्होंने कहा कि वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
इस अवसर पर विक्रमादित्य सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा

