वन संरक्षण: राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना के अंतर्गत मंडी वन वृत्त को 1.24 करोड़ रुपए आवंटित
मंडी, 18 जून (हि.स.)। राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना सहित अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम वन संपदा की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पूरे प्रदेश सहित मंडी जिला में भी इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मंडी वन वृत के अंतर्गत जिला मंडी का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 3950 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें से लगभग 1887 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वन अच्छादित है, जो कुल क्षेत्रफल का करीब 47.77 प्रतिशत है।
वन वृत्त मंडी में राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना के अंतर्गत वन विकास एवं आजीविका संवर्द्धन में स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 121.5 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए कार्य स्वीकृत किए गए। जिनके लिए लगभग एक करोड़ 24 लाख 20 हजार रुपए की वित्तीय राशि आवंटित की गई। इस दौरान 102.5 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण कार्य पूर्ण किया गया तथा लगभग एक करोड़ से अधिक की वित्तीय उपलब्धि अर्जित की गई। योजना के अन्तर्गत 74 महिला मंडल व युवक मंडलों को लाभान्वित कर 1,22,857 पौधे/पालियों का वितरण किया गया।
पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु स्वच्छ बनाए रखने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। वहीं, वन संपदा के माध्यम से आय अर्जित करने के भी बेहतर साधन सृजित हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान वन विभाग द्वारा विभिन्न स्त्रोतों से लगभग 7 करोड़ 42 लाख 55 हजार रुपए का राजस्व अर्जित किया गया। इसमें काष्ठ एवं अन्य वन उपज, औषधीय पौधों सहित लघु वन उपज, चराई एवं घास तथा विभिन्न उत्पादों से प्राप्त आय शामिल है। प्रमुख वन उपज के अन्तर्गत लगभग 7712 घन मीटर औद्योगिक लकड़ी का उत्पादन किया गया, जिसमें देवदार, चीड़, कैल, फर/स्प्रूस तथा अन्य चौड़ी पत्ती प्रजातियाँ शामिल हैं। इनसे लगभग 4 करोड़ 42 लाख 71 हजार रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। लघु वन उपज के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिरोजा, औषधीय जड़ी-बूटी एवं अन्य लघु उत्पादों से महत्वपूर्ण उत्पादन एवं राजस्व अर्जित किया गया, जिसका कुल मूल्य 5 करोड़ 33 लाख रुपए से अधिक रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

