रामपुर पुल को 5.30 करोड़ की राशि जारी, जनहित मोर्चा ने जताया आभार
ऊना, 03 सितंबर (हि.स.)। तीन वर्षों से टूटे पड़े रामपुर पुल के निर्माण की दिशा में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वीकृत 10 करोड़ रुपये में से 5 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि कार्य शुरू करने के लिए ऊना लोक निर्माण डिवीजन को जारी कर दी है। राशि जारी होने पर ऊना जनहित मोर्चा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग का आभार जताया है।
ऊना जनहित मोर्चा के चेयरमैन हरिओम गुप्ता, बलविंदर कुमार गोल्डी, शिवकुमार सांभर, संदीप कश्यप, लखबीर लकी, संजीव कुमार संजू सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि तीन वर्ष से लोगों की परेशानी का कारण बने रामपुर पुल के लिए राशि जारी होना राहत की बात है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह कदम देर से उठाया गया है, लेकिन अब टेंडर प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी किए बिना निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होना चाहिए।
मोर्चा पदाधिकारियों ने रामपुर पुल के लिए राशि उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने से लेकर बजट उपलब्ध करवाने तक संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए प्रयास सराहनीय हैं। विशेष रूप से ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती का आभार व्यक्त करते हुए मोर्चा ने कहा कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को विधानसभा में तीन बार प्रमुखता से उठाया, जिससे इस विषय को सरकार के समक्ष लगातार मजबूती से रखा गया।
मोर्चा ने कहा कि ऊना जनहित मोर्चा भी पिछले तीन वर्षों से रामपुर पुल के मुद्दे को लगातार उठाता रहा है। मोर्चा की ओर से धरने-प्रदर्शन किए गए और कई बार प्रशासन व सरकार के समक्ष जनता की समस्या को प्रमुखता से रखा गया। लंबे समय से चल रहे प्रयासों के बाद अब राशि जारी हुई है, जिसका मोर्चा स्वागत करता है।
ऊना जनहित मोर्चा के अध्यक्ष राजीव भनोट ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राशि जारी करने के लिए उनका आभार है। अब लोक निर्माण विभाग को बिना देरी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करवाना चाहिए, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
राजीव भनोट ने कहा कि रामपुर पुल ऊना क्षेत्र की लाइफ लाइन है। पुल के टूटे होने से करीब 12 गांवों की 14 हजार से अधिक आबादी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा इस मार्ग पर कई बड़े कार्यालय, संस्थान और औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में पुल के अभाव में आम जनता के साथ-साथ व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल

