कब्बड्डी में हरोली के तीन गोल्डलिस्ट, नेशनल गेम्स में जीता सोना

WhatsApp Channel Join Now
कब्बड्डी में हरोली के तीन गोल्डलिस्ट, नेशनल गेम्स में जीता सोना


कब्बड्डी में हरोली के तीन गोल्डलिस्ट, नेशनल गेम्स में जीता सोना


कब्बड्डी में हरोली के तीन गोल्डलिस्ट, नेशनल गेम्स में जीता सोना


ऊना, 04 फ़रवरी (हि.स.)। मिट्टी से निकले हौसले जब मेहनत से मिलते हैं, तो गांवों की गलियों से भी स्वर्णिम इतिहास रचा जाता है। हरोली विधानसभा क्षेत्र के बीत क्षेत्र के तीन साधारण ग्रामीण परिवारों से जुड़े कबड्डी खिलाड़ियों ने ऐसा ही कर दिखाया है। सीमित संसाधनों, कच्चे मैदानों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन खिलाड़ियों ने देश की बड़ी प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ अपने गांवों, बल्कि पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

गांव मल्लूवाल की महज 16 वर्षीय श्रेया ने स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित किया है कि बेटियां भी गांव की मिट्टी से निकलकर बड़ी पहचान बना सकती हैं। खेतों, गलियों और स्कूल के छोटे मैदानों में अभ्यास करने वाली श्रेया की इस उपलब्धि से गांव की हर बेटी को आगे बढ़ने का हौसला मिल रहा है।

दूसरा गोल्ड जीता है गांव बीटन के 18 वर्षीय प्रिंस चौहान ने। प्रिंस ने आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आयोजित जूनियर नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रिंस ने कठिन मेहनत और अनुशासन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

वहीं गांव भंडियारां के प्रबल ने राजस्थान में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर यह संदेश दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गांव की सीमाएं भी रास्ता नहीं रोक सकतीं। प्रबल की जीत से क्षेत्र के युवाओं में खेलों को लेकर नया उत्साह देखने को मिल रहा है। सभी खिलाड़ियों ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने कोच और परिवार को दिया है।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी बीत क्षेत्र से ही आते हैं तो इन्होंने इन खिलाड़ियों को खेल जगत का उभरता सितारा बताते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। वहीं इन खिलाड़ियों की उपलब्धि पर पूबोवाल गांव के प्रसिद्ध कब्बड्डी खिलाड़ी सतनाम सिंह सत्तू ने इसे क्षेत्र का गौरव बताया है।

सतनाम सिंह ने कहा कि बीत क्षेत्र कबड्डी की नर्सरी बनकर उभर रहा है, संसाधनों की कमी के बावजूद भी खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में गोल्ड जीत रहे हैं, अगर अच्छी सुविधाएं और प्रशिक्षण मिले तो ये खिलाड़ी ओर भी ऊंचा मुकाम हासिल कर सकते हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल

Share this story