तेल के दामों में हुई बढ़ोतरी से हिमाचल में प्रभावित होगा टैक्सी व्यवसाय:महेंद्र गुलेरिया
मंडी, 25 सितंबर (हि.स.)। मंडी टूरिज्म वेल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष महेंद्र गुलेरिया ने जिला मंडी की समस्त टैक्सी यूनियनों की ओर से हिमाचल प्रदेश में तेल के दामों में की गई बढ़ोतरी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश का टैक्सी व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर टैक्सी ऑपरेटरों की वर्षों पुरानी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय से लेकर वर्तमान सरकार तक टैक्सी किराए में बढ़ोतरी की मांग को लेकर बार-बार सरकार और प्रशासन के समक्ष अर्जी लगाई जा रही है, लेकिन आज तक न तो टैक्सी चालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और न ही कोई ठोस समाधान निकाला गया।
उन्होंने कहा कि टैक्सी व्यवसाय पहले ही कई प्रकार के टैक्सों और नियमों के बोझ तले दब चुका है। बेरियर टैक्स, टोल टैक्स, ग्रीन टैक्स, पैसेंजर टैक्स, स्पेशल रोड टैक्स, साडा टैक्स सहित अनेक करों की लगातार वसूली की जा रही है। जबकि दूसरी ओर प्रदेश की सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। इसके अतिरिक्त पुलिस प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर टैक्सी चालकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है तथा जीपीएस, स्पीड गवर्नर और अन्य अनिवार्य नियमों के कारण अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी ऑपरेटरों पर डाला जा रहा है। हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में पर्यटन क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और प्रदेश की आय का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन गतिविधियों से आता है। टैक्सी चालक ही प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं उपलब्ध करवाकर पर्यटन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में अहम योगदान देते हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि सरकार ने टैक्सी ऑपरेटरों को केवल टैक्स वसूली का माध्यम समझ रखा है।
महेंद्र गुलेरिया ने कहा कि जल्द ही जिला मंडी की सभी टैक्सी यूनियनों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों की यूनियनों के साथ संयुक्त बैठक कर सरकार के इस फैसले के खिलाफ आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि टैक्सी ऑपरेटर अपने अधिकारों और रोजगार को बचाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने को मजबूर होंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

