शिमला में जाम से निपटने की नई रणनीति, पीक आवर्स में थानेदार सम्भाल रहे कमान

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शिमला में जाम से निपटने की नई रणनीति, पीक आवर्स में थानेदार सम्भाल रहे कमान


शिमला में जाम से निपटने की नई रणनीति, पीक आवर्स में थानेदार सम्भाल रहे कमान


शिमला, 16 मार्च (हि.स.)। राजधानी शिमला में बढ़ते ट्रैफिक दबाव से निपटने के लिए पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। शहर में सुबह और शाम के व्यस्त समय के दौरान अब अलग-अलग थानों के प्रभारी अधिकारी यानी एसएचओ खुद सड़कों पर उतरकर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इससे जाम की समस्या को समय रहते नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।

दरअसल, शिमला जैसे पहाड़ी शहर में सड़कें सीमित हैं और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सुबह के समय जब लोग अपने कार्यालयों के लिए निकलते हैं और बच्चे स्कूल जाने लगते हैं, तब शहर की मुख्य सड़कों पर वाहनों की भीड़ बढ़ जाती है। यही स्थिति दोपहर बाद भी देखने को मिलती है, जब स्कूलों की छुट्टी होती है और दफ्तरों से लोग घर लौटते हैं। ऐसे समय में कई जगहों पर ट्रैफिक जाम लग जाता है।

इस चुनौती को देखते हुए शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने शहर के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पीक आवर्स के दौरान खुद मौके पर मौजूद रहकर ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी करें। इसके तहत सभी एसएचओ रोज़ाना सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक और शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक शहर में कुछ ऐसे स्थान हैं जहां सड़कें संकरी होने और वाहनों का दबाव ज्यादा होने के कारण अक्सर जाम लग जाता है। इन्हें ट्रैफिक बॉटलनेक्स कहा जाता है। इन जगहों पर पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी से वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिल रही है और जाम की स्थिति को जल्दी नियंत्रित किया जा रहा है।

इस दौरान एसएचओ शिमला ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। वे प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ट्रैफिक को नियंत्रित कर रहे हैं ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे और लोगों को ज्यादा देर तक जाम में न फंसना पड़े।

जिला पुलिस शिमला का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शहर के निवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा देना है।

पुलिस ने शहर के लोगों से भी अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और पुलिस का सहयोग करें। उनका कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ही शिमला में यातायात व्यवस्था को बेहतर और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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