शिमला में सैलानियों का तांता, 13 दिनों में 3.8 लाख वाहनों की आवाजाही

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शिमला में सैलानियों का तांता, 13 दिनों में 3.8 लाख वाहनों की आवाजाही


शिमला, 13 जून (हि.स.)। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी इन दिनों शिमला का रुख कर रहे हैं। जून महीने की शुरुआत से ही राजधानी शिमला में पर्यटकों का तांता लगा हुआ है और हर वीकेंड के साथ यह भीड़ और बढ़ती जा रही है। इस सप्ताहांत भी सुबह से बाहरी राज्यों के वाहनों का शिमला पहुंचना जारी रहा, जिसके चलते कालका-शिमला नेशनल हाईवे समेत शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर कई जगह वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और ट्रैफिक रेंगता नजर आया।

शिमला पुलिस के अनुसार जून महीने के पहले 13 दिनों में ही शहर के विभिन्न प्रवेश द्वारों से करीब 3.8 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज की जा चुकी है। इससे पहले मई महीने में शोगी, बिलासपुर और किन्नौर की ओर से आने वाले मार्गों पर लगभग 8.5 लाख वाहनों का आवागमन रिकॉर्ड किया गया था। आंकड़े बताते हैं कि इस बार पर्यटन सीजन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यस्त चल रहा है।

शिमला के बाजारों, माल रोड, रिज मैदान, जाखू मंदिर और कुफरी जैसे पर्यटन स्थलों पर दिनभर चहल-पहल बनी हुई है। होटल, रेस्तरां, ढाबों और दुकानों में भी अच्छी रौनक देखी जा रही है। होटल कारोबारियों का कहना है कि जून का महीना पर्यटन उद्योग के लिए उम्मीद से बेहतर साबित हो रहा है।

शिमला होटलियर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने बताया कि ज्यादातर होटल सैलानियों से भरे हुए हैं और आने वाले दिनों के लिए भी एडवांस बुकिंग लगातार मिल रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल कारोबार के साथ-साथ टैक्सी ऑपरेटरों, ढाबा संचालकों और स्थानीय दुकानदारों को भी फायदा हो रहा है।

इस बीच वीकेंड पर हुई बारिश से शिमला के मौसम में हल्की ठंडक घुल गई है। मैदानों में गर्मी की मार झेल रहे पर्यटकों को यह मौसम खूब रास आ रहा है, जिसके कारण पर्यटन स्थलों पर भीड़ और बढ़ गई है।

बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए शिमला पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। पुलिस ने ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात पुलिस और होमगार्ड कर्मियों की संख्या 127 से बढ़ाकर 210 कर दी है। करीब 50 स्वयंसेवकों को भी यातायात प्रबंधन में लगाया गया है। इसके अलावा 32 ट्रैफिक बाइक राइडर, इंटरसेप्टर वाहन और विभिन्न क्षेत्रों में तीन क्रेन तैनात की गई हैं ताकि किसी वाहन के खराब होने की स्थिति में यातायात जल्द बहाल किया जा सके।

पुलिस ने शहर को पांच सेक्टरों में बांटकर निगरानी व्यवस्था मजबूत की है। साथ ही कुफरी, नारकंडा, ठियोग और किन्नौर जाने वाले यात्रियों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। पुलिस के मुताबिक प्रतिदिन करीब 800 वाहनों को इस वैकल्पिक मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिल रही है।

शिमला पुलिस ने पर्यटकों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने और वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेने की अपील की है जिससे पर्यटन सीजन के चरम पर भी शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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