शिमला में पर्यटकों का उमड़ा सैलाब, जून में 10 लाख वाहन पहुंचे, होटल 90 फीसदी तक भरे, प्रवेश द्वारों पर जाम

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शिमला में पर्यटकों का उमड़ा सैलाब, जून में 10 लाख वाहन पहुंचे, होटल 90 फीसदी तक भरे, प्रवेश द्वारों पर जाम


शिमला में पर्यटकों का उमड़ा सैलाब, जून में 10 लाख वाहन पहुंचे, होटल 90 फीसदी तक भरे, प्रवेश द्वारों पर जाम


शिमला, 28 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी व हिल स्टेशन शिमला में पर्यटन सीजन अपने चरम पर है और जून महीने के अंतिम सप्ताहांत में शहर तथा आसपास के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी शिमला और इसके आसपास के क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार इस सप्ताहांत के दौरान शहर के अधिकांश होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे लगभग 90 प्रतिशत तक भर चुके हैं।

शिमला में पर्यटन सीजन आधिकारिक तौर पर 15 अप्रैल से 15 जुलाई तक माना जाता है। लेकिन आमतौर पर जुलाई के शुरुआती दिनों में मानसून की दस्तक के साथ पर्यटकों की संख्या कम होने लगती है। ऐसे में मौजूदा सप्ताहांत को इस सीजन के आखिरी बड़े पर्यटन सप्ताहांत के रूप में देखा जा रहा है। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान, मॉल रोड, मंदिरों और अन्य दर्शनीय स्थलों पर पर्यटकों की अच्छी खासी मौजूदगी दर्ज की जा रही है। वहीं, शिमला से सटे प्रमुख पर्यटन स्थल कुफरी, फागू और नारकंडा में भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। कालका-शिमला नेशनल हाइवे पर शिमला शहर के प्रवेश द्वारों पर वाहनों का लम्बा जाम लग रहा है।

शिमला होटलियर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने बताया कि जून महीने के दौरान शिमला में पर्यटकों की अच्छी आमद बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सप्ताहांत भी पर्यटन कारोबार के लिए अच्छा साबित हुआ है और आने वाले दिनों के लिए भी पर्यटकों की अग्रिम बुकिंग मिल रही है। इससे होटल और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिली है।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर यातायात पर भी दिखाई दिया है। शिमला पुलिस के अनुसार जून 2026 में अब तक करीब 10 लाख वाहन विभिन्न प्रवेश मार्गों से शिमला पहुंचे हैं। मई और जून को मिलाकर अब तक 18.5 लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। इनमें मई में लगभग 8.5 लाख और जून में करीब 10 लाख वाहन शामिल हैं। यानी जून महीने में औसतन प्रतिदिन लगभग 35 हजार वाहन शिमला पहुंचे हैं।

बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए शिमला पुलिस ने इस बार व्यापक प्रबंध किए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस और होमगार्ड कर्मियों की संख्या 136 से बढ़ाकर 265 कर दी गई है। इसके अलावा करीब 50 स्वयंसेवकों और 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स की तैनाती की गई है जिससे किसी भी स्थान पर जाम या बाधा उत्पन्न होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि पूरे शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक ग्रेड-वन अधिकारी को सौंपी है। ये अधिकारी स्वयं फील्ड में मौजूद रहकर यातायात संचालन की निगरानी कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। यातायात बाधित होने की स्थिति में सेक्टर अधिकारियों, ट्रैफिक बाइक राइडर्स और तीन क्रेनों की मदद से मार्गों को शीघ्र सामान्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने के लिए कुफरी, मशोबरा, नालदेहरा तथा अपर शिमला और किन्नौर की ओर जाने वाले वाहनों को शोघी-मेहली बाईपास मार्ग का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार प्रतिदिन औसतन 600 से 800 वाहन इस वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा पार्किंग स्थलों के बेहतर प्रबंधन, सोशल मीडिया के माध्यम से रीयल-टाइम ट्रैफिक अपडेट, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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