टोंस नदी में घटती मछलियों ने बढ़ाई चिंता, मछुआरों के रोजगार पर संकट
नाहन, 05 अप्रैल (हि.स.)। पांवटा साहिब क्षेत्र में हिमाचल–उत्तराखंड बॉर्डर पर बहने वाली टोंस नदी में मछलियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। हाल ही में ग्राउंड दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और मछुआरों ने बताया कि पहले जहां नदी में भरपूर मछलियां नजर आती थीं, वहीं अब हालात काफी बदल चुके हैं। इसका सीधा असर मछुआरों के रोजगार पर पड़ रहा है।
स्थानीय मछुआरों का कहना है कि बीते समय आई बाढ़ के बाद से नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ा है, जिसके चलते मछलियों की संख्या में गिरावट आई है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि नदी में अवैध तरीके से केमिकल का इस्तेमाल कर मछली पकड़ी जा रही है, जिससे छोटी मछलियां भी नष्ट हो रही हैं। टोंस नदी पहले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हुआ करती थी। लोग यहां आकर नदी किनारे बैठते, मछलियां देखते और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते थे, लेकिन अब मछलियों की कमी के चलते यहां आने वालों की संख्या में भी गिरावट देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मछलियों की घटती संख्या से नदी के इकोसिस्टम पर भी असर पड़ सकता है, जिससे भविष्य में और गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाकर नदी और उसके जीव-जंतुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

