नारी शक्ति वंदन अधिनियम जल्द लागू हो: कमलेश कुमारी

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम जल्द लागू हो: कमलेश कुमारी


हमीरपुर, 14 अप्रैल (हि.स.)। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री कमलेश कुमारी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसे जल्द लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को नीति निर्माण की प्रक्रिया में उनका उचित स्थान दिया जाए।

कमलेश कुमारी ने मंगलवार को कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भागीदार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आज देश की आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है और वे विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता की मजबूत ताकत बनकर सामने आई हैं।

उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए गए कुल ऋण में से लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं को मिला है। उनके अनुसार वर्ष 2015 से अब तक महिलाओं को करीब 14.72 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है, जिससे लाखों महिलाओं ने अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत होने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

कमलेश कुमारी ने कहा कि मार्च 2026 तक देश में 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के जनधन खाते खोले जा चुके हैं, जिससे महिलाओं की वित्तीय भागीदारी और स्वतंत्रता को नई दिशा मिली है। उन्होंने बताया कि स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत 83 प्रतिशत ऋण, जो लगभग 47,704 करोड़ रुपये है, महिलाओं को दिया गया है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.6 करोड़ खातों में करीब 3.40 लाख करोड़ रुपये की बचत दर्ज की गई है, जो बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं की स्थिति तेजी से मजबूत हुई है। DAY-NRLM योजना के तहत करीब 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं और इनमें से लगभग 3 करोड़ महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत करीब 2.90 करोड़ घर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत किए गए हैं, जिससे उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिली है।

कमलेश कुमारी ने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, तो उन्हें राजनीतिक निर्णयों में भी समान भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता तैयार करता है और इससे शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेगी।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को केवल घोषणाओं तक सीमित रखा गया, जबकि अब इसे लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम को लागू करने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि महिलाओं का सशक्तिकरण देश के विकास की मजबूत आधारशिला है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा

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