शिमला के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल चमियाणा में शुरू हुई ओपन हार्ट सर्जरी, तीन मरीजों के सफल ऑपरेशन

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शिमला के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल चमियाणा में शुरू हुई ओपन हार्ट सर्जरी, तीन मरीजों के सफल ऑपरेशन


शिमला, 30 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के मरीजों को गंभीर हृदय रोगों के इलाज के लिए अब ओपन हार्ट सर्जरी करवाने बाहरी राज्यों के अस्पतालों का रुख करने की जरूरत कम होगी। शिमला के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल अटल आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (एआईएमएसएस) चमियाणा में करीब एक साल से बंद पड़ी ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा दोबारा शुरू हो गई है। अस्पताल में अक्तूबर महीने में अब तक तीन मरीजों की सफल ओपन हार्ट सर्जरी की जा चुकी है। इनमें मंडी की 50 वर्षीय महिला भी शामिल है, जिसके दिल में छेद था और एक वाल्व में गंभीर खराबी थी।

दिल में छेद के साथ वाल्व में भी थी गंभीर खराबी

शुक्रवार को मंडी निवासी 50 वर्षीय महिला की ओपन हार्ट सर्जरी की गई। महिला सांस फूलने की समस्या से परेशान थी। जांच के दौरान उसके दिल में छेद होने के साथ ट्राइकस्पिड वाल्व में गंभीर लीकेज का पता चला। डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन के दौरान दिल के छेद को बंद किया और ट्राइकस्पिड वाल्व की मरम्मत की। फिलहाल महिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा छह अक्तूबर से दोबारा शुरू की गई है। इसके बाद पहला ऑपरेशन 57 वर्षीय मरीज का किया गया। उसे एओर्टिक स्टेनोसिस की गंभीर बीमारी थी। इस स्थिति में दिल का एओर्टिक वाल्व सिकुड़ जाता है, जिससे खून का प्रवाह प्रभावित होता है। मरीज को छाती में दर्द और सांस लेने में परेशानी थी। उसकी स्थिति ऐसी थी कि वह रोजमर्रा के काम भी नहीं कर पा रहा था।

मरीज ने पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स दिल्ली में भी इलाज के लिए संपर्क किया था। वहां उसे सर्जरी के लिए आठ से दस महीने बाद की तारीख मिली। इसके बाद वह दो महीने तक एआईएमएसएस चमियाणा में भर्ती रहा। यहां डॉक्टरों ने उसका एओर्टिक वाल्व बदलने की सर्जरी की। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ और अब उसे स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

हार्ट फेलियर के मरीज का भी किया ऑपरेशन

दूसरी ओपन हार्ट सर्जरी 27 अक्तूबर को 45 वर्षीय पुरुष की हुई। मरीज हार्ट फेलियर की स्थिति में अस्पताल में भर्ती हुआ था। पहले उसे दवाओं के माध्यम से उपचार दिया गया। इसके बाद उसकी माइट्रल वाल्व बदलने और ट्राइकस्पिड वाल्व की मरम्मत की गई। फिलहाल मरीज सीटीवीएस आईसीयू में भर्ती है और तेजी से स्वस्थ हो रहा है। शुक्रवार को तीसरे मरीज की सर्जरी भी सफल रही।

चमियाना सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. बृज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा और कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर मेहता ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और एआईएमएसएस चमियाणा प्रशासन के सहयोग से ओपन हार्ट सर्जरी दोबारा शुरू हो पाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अस्पताल में मौजूद शेष कमियों को भी जल्द दूर किया जाएगा। इससे यहां और अधिक जटिल हृदय रोगों की सर्जरी संभव हो सकेगी। मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने और महंगे उपचार का खर्च उठाने से राहत मिलेगी।

निजी अस्पतालों में लाखों की रोबोटिक सर्जरी 90 हजार रुपये में

प्रिंसिपल डॉ. बृज शर्मा ने बताया कि चमियाणा अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए 90 हजार रुपये की दर निर्धारित की गई है। जनरल और स्पेशल वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए इसकी दर समान रखी गई है। उन्होंने बताया कि बाहरी राज्यों के निजी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी करवाने पर करीब छह लाख रुपये तक खर्च आता है। इसके मुकाबले सरकारी अस्पताल में 90 हजार रुपये की दर तय की गई है। उन्होंने इसे मरीजों को कम खर्च में आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Livevns.news Desk
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