धर्मशाला कॉलेज छात्रा मौत मामले की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित
शिमला, 03 जनवरी (हि.स.)। डिग्री कॉलेज धर्मशाला की 19 वर्षीय छात्रा की रैगिंग, कथित अश्लील हरकतों और मानसिक प्रताड़ना के बाद अस्पताल में हुई मौत के मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शिक्षा सचिव को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह जांच कमेटी अतिरिक्त निदेशक शिक्षा हरीश शर्मा की अध्यक्षता में बनाई गई है। कमेटी में तीन कॉलेज प्रिंसिपल को शामिल किया गया है, जिनमें एक महिला प्रिंसिपल भी सदस्य हैं, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और संतुलित ढंग से की जा सके।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि कमेटी पूरे मामले की हर पहलू से जांच करेगी और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
रोहित ठाकुर ने कहा कि कॉलेज के एक प्रोफेसर पर लगाए गए आरोपों की भी इसी कमेटी द्वारा विस्तार से जांच की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस विभाग भी अपने स्तर पर समानांतर जांच कर रहा है। शिक्षा विभाग और पुलिस दोनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग में पहले से लागू दिशा-निर्देशों को अब और सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी तरह की लापरवाही, अनुशासनहीनता या छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद यदि कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बना रहे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बता दें कि 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा के मौत मामले में कांगड़ा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। अभी तक पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में चार छात्राओं और एक काॅलेज प्राध्यापक के नाम हैं। पुलिस की दो टीमें इस मामले की जांच कर रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

