शिमला में तहबाजारियों का नगर निगम के खिलाफ मोर्चा, लोअर बाजार में लगाईं दुकानें

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शिमला, 29 अगस्त (हि.स.)। राजधानी शिमला में तहबाजारियों और नगर निगम के बीच विवाद शनिवार को फिर सड़क पर आ गया। नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में तहबाजारियों ने सीटू के समर्थन से लोअर बाजार में दुकानें लगाईं और साफ कहा कि अब वे अपनी रोजी-रोटी के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। तहबाजारियों का कहना है कि प्रशासन कार्रवाई करना चाहता है तो करे, वे अपना काम बंद नहीं करेंगे।

शिमला नगर निगम प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में 'नो वेंडिंग जोन' में अवैध कब्जों, तहबाजारियों और फड़ी धारकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। पिछले कुछ समय से निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी के विरोध में तहबाजारी शनिवार सुबह लोअर बाजार में पहुंचे और वहां दुकानें लगाकर अपना विरोध जताया।

तहबाजारी संघ के अध्यक्ष पवन ने कहा कि रेहड़ी-फड़ी लगाकर सामान बेचना उनके लिए रोजगार का साधन है। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे सामान बेचने वाले लोगों के अधिकारों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कानून में संरक्षण दिया गया है। उनके अनुसार तहबाजारी पिछले करीब दो महीने से सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं और उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें ऐसा उचित स्थान दिया जाए, जहां वे अपना काम कर सकें और ग्राहकों की आवाजाही भी हो।

पवन ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने तहबाजारियों को आजीविका भवन की छत या लेंटर पर जगह दी है। उनका कहना है कि वहां ग्राहकों की आवाजाही बहुत कम है, जिससे दुकान लगाकर परिवार का खर्च चलाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उस स्थान पर पर्याप्त ग्राहक आते और रोजगार चलता तो तहबाजारी खुद वहां चले जाते। उन्होंने प्रशासन पर हाईकोर्ट के सामने संघ के पदाधिकारियों को लेकर गलत बात रखने का भी आरोप लगाया।

तहबाजारी संघ के अध्यक्ष पवन ने कहा कि पिछले दो महीनों से काम बंद होने के कारण परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी बचाने के लिए तहबाजारी हर तरह की कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने रोजगार के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

प्रदर्शन में शामिल एक महिला तहबाजारी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पिछले दो महीनों से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। काम बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनके स्कूल जाने में भी दिक्कत आ रही है। महिला ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण मकान का किराया देना मुश्किल हो गया है और मकान मालिक कमरा खाली करने का दबाव बना रहे हैं।

महिला के अनुसार रोजगार नहीं होने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। आर्थिक परेशानी के कारण परिवार में तनाव और रोजाना विवाद की स्थिति बन रही है। उसने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें काम करने का मौका नहीं दिया जाता है तो उनके बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी प्रशासन उठाए। महिला ने कहा कि लगातार बढ़ती आर्थिक परेशानी से परिवार बेहद निराश स्थिति में पहुंच गए हैं।

तहबाजारियों के समर्थन में सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा भी प्रदर्शन में पहुंचे। उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे अवैध और गैर-कानूनी बताया। मेहरा ने दावा किया कि स्ट्रीट वेंडरों को हटाने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 की भावना के खिलाफ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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