युवाओं को अनुशासन के ज़रिए राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान करने में भागीदार बनना चाहिए : प्रो. ललित कुमार अवस्थी

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युवाओं को अनुशासन के ज़रिए राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान करने में भागीदार बनना चाहिए : प्रो. ललित कुमार अवस्थी


मंडी, 29 अगस्त (हि.स.)। भारतीय हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के लिए विभिन्न खेलकूद गतिविधियों का आयोजन किया गया। सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर टेबल टेनिस, शतरंज एवं बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं पुरुष एवं महिला वर्ग में आयोजित की गईं, जिनमें शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं खेल भावना के साथ भाग लिया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन अथवा प्रतियोगिता का माध्यम नहीं हैं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और संघर्षशीलता विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति के जीवन में अनुशासन लाते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अनुशासन, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान का हिस्सा बनें।

कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस युवाओं को फिटनेस, टीमवर्क और संघर्षशीलता को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा देता है, जो एक मजबूत और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के समर्पण, जुनून और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

प्रो.अवस्थी ने विद्यार्थियों एवं युवाओं से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल अथवा शारीरिक गतिविधि के लिए निकालने की अपील की। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने, असफलताओं से न घबराने, चुनौतियों का सामना करने और खेलों के साथ-साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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