स्पीति में प्रदेश का पहला बैटरी स्टोरेज वाला सौर संयंत्र शुरू, मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया लोकार्पण

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स्पीति में प्रदेश का पहला बैटरी स्टोरेज वाला सौर संयंत्र शुरू, मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया लोकार्पण


शिमला, 14 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को लाहौल-स्पीति जिले की स्पीति घाटी के रोंगटोंग में प्रदेश के पहले बैटरी स्टोरेज से संचालित सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने लाहौल-स्पीति और किन्नौर के दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में 116.28 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।

काजा में 4.42 करोड़ रुपये की लागत से बने इस सौर ऊर्जा संयंत्र की क्षमता दो मेगावाट है। इसके साथ एक मेगावाट-आवर क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली लगाई गई है। समुद्र तल से करीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस संयंत्र से सालाना लगभग 36 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है। इसका निर्माण 30 मई, 2023 को शुरू हुआ था और दिसंबर, 2024 में बिजली उत्पादन शुरू हो गया। 30 सितंबर, 2026 तक इससे कुल 22,58,752 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना स्पीति में बिजली आपूर्ति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने रोंगटोंग जलविद्युत परियोजना को पूरी तरह चालू करने के लिए छह करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में स्पीति के पहले दौरे के दौरान लोगों ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को लेकर चिंताएं जताई थीं।

काजा और समदो में बनेंगे बिजली उप-केंद्र

मुख्यमंत्री ने काजा और किन्नौर जिले के समदो में 47.95 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 66/22 केवी विद्युत उप-केंद्रों की आधारशिला रखी। ये वास्तविक नियंत्रण रेखा से हवाई दूरी के हिसाब से करीब 100 किलोमीटर के दायरे में स्थित सामरिक महत्व के क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था मजबूत करेंगे।

फिलहाल स्पीति को किन्नौर के पूह स्थित उप-केंद्र से करीब 200 किलोमीटर लंबे 22 केवी फीडर के जरिए बिजली मिलती है। इसकी लंबाई के कारण वोल्टेज में उतार-चढ़ाव और तकनीकी बिजली हानि की समस्याएं आती हैं। नए उप-केंद्रों से बिजली वितरण में सुधार और रक्षा प्रतिष्ठानों, स्वास्थ्य केंद्रों, शिक्षण संस्थानों सहित आवश्यक सेवाओं को भरोसेमंद आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।

पिन घाटी और हिक्किम की सड़कें बेहतर

मुख्यमंत्री ने पिन घाटी में 39.55 करोड़ रुपये की लागत से बनी चिदांग-तंगती खर तेलिंग सड़क का लोकार्पण किया। इससे कच्चे मार्ग को हर मौसम में उपयोग योग्य बनाया गया है। सड़क पर क्रैश बैरियर, पैरापेट, संकेतक और गति अवरोधक जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल हैं। इससे हरी मटर और बीज आलू सहित कृषि उत्पादों के परिवहन, गांवों तक पहुंच और पर्यटन को लाभ मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने 24.36 करोड़ रुपये की लागत से बने 12 किलोमीटर लंबे तांगयुत-हिक्किम सड़क मार्ग के उन्नयन कार्य का भी लोकार्पण किया। इससे अत्यधिक ठंड वाले दुर्गम क्षेत्र में संपर्क बेहतर होगा। डाकघर के लिए प्रसिद्ध हिक्किम गांव तक पहुंच आसान होने के साथ पर्यटन, स्थानीय आजीविका और आवश्यक सेवाओं को भी लाभ मिलने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Livevns.news Desk
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