तीन साल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े एक लाख नए लाभार्थी
शिमला, 11 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा बीते तीन वर्षों में तेजी से बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में करीब एक लाख नए लाभार्थियों को पेंशन व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे अब राज्यभर में 8.42 लाख से अधिक लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे हैं। सरकार का दावा है कि नियमों में बदलाव और प्रक्रियाओं को सरल बनाने से वंचित वर्ग तक मदद पहुंचना आसान हुआ है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी कई शर्तों में ढील दी है। विधवा, परित्यक्त और एकल महिलाओं तथा 40 से 69 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों के लिए आय सीमा और ग्राम सभा की मंजूरी की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इससे पहले इन शर्तों के कारण बड़ी संख्या में पात्र लोग पेंशन से वंचित रह जाते थे। प्रवक्ता का कहना है कि इन बदलावों से प्रशासनिक अड़चनें कम हुई हैं और लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वालों में वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं, एकल महिलाएं और दिव्यांगजन शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, राज्य वृद्धावस्था पेंशन, विधवा और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं के तहत लाखों लोग हर महीने आर्थिक सहायता पा रहे हैं। अकेले बीते तीन वर्षों में 99,799 नए पेंशन मामलों को मंजूरी दी गई, जिसे सरकार सामाजिक सुरक्षा के दायरे के विस्तार के रूप में देख रही है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि महिलाओं के लिए फरवरी 2024 से 60 से 69 वर्ष आयु वर्ग में मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई है। इसके साथ ही ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत लंबित भुगतान जल्द जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों जैसे पांगी, लाहौल-स्पीति, डोडरा क्वार और कुपवी पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए बिना आय सीमा राहत भत्ता, मासिक पेंशन, छात्रवृत्ति और विवाह अनुदान जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार का दावा है कि तकनीक आधारित व्यवस्थाओं से लाभार्थियों की पहचान, स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

