मंडी के सरकाघाट कांड में बिटिया के सवालों के जवाब दे सरकार : जयराम ठाकुर
मंडी, 16 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भारतीय जनता पार्टी के विधायकों और पदाधिकारियों के साथ मंडी जिला के सरकाघाट के गोपालपुर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बिटिया के माता-पिता और परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने बिटिया की माता जी से मुलाकात की, उनका दर्द देखा नहीं जा रहा था। किसी की मां से नज़रें मिलाने की हिम्मत नहीं थी। पूरे गांव में मातम पसरा है। पूरा परिवार सदमे में है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस घटना ने अपने पीछे बहुत से सवाल छोड़ दिए हैं। पिता और परिजन इसे सामान्य घटना मानने से इनकार कर रहे हैं, क्योंकि राह चलते किसी की अचानक हत्या करने का कोई तुक नहीं बनता। घटना के चार दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने की स्थिति में नहीं है। सरकार से निवेदन है कि परिजनों की सभी शंकाओं का समाधान किया जाए। जांच में किसी भी स्तर पर कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। आज बिटिया हमारे साथ नहीं है। उसे न्याय दिलाना ही हमारा कर्तव्य है। इस घटना में शामिल सभी अपराधियों को कठोर से कठोर दंड दिलवाना ही बिटिया को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
परिजनों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज पूरे क्षेत्र में गहरा शोक और आक्रोश का माहौल है। सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव और प्रदेश के लोग सदमे में हैं और एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर यह भयावह घटना कैसे और क्यों हुई। प्रारंभिक तौर पर यह बात सामने आई है कि आरोपी नशे का आदी था और संभवतः नशे की हालत में उसने यह जघन्य अपराध किया। लेकिन इससे कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं जब आरोपी रास्ते से होते हुए घटनास्थल तक पहुंचा, उसके पास हथियार था, तब उसे किसी ने रोका क्यों नहीं। और सबसे बड़ा सवाल आखिर उसने सिया को ही निशाना क्यों बनाया। जांच की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर संदेह उत्पन्न हो रहे हैं। परिवार और स्थानीय लोग पूरा सहयोग दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न तो जांच की दिशा के बारे में बताया गया है और न ही कोई ठोस प्रगति साझा की गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। माता-पिता भयभीत हैं और मजबूरी में बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज भी बच्चों को स्कूल और कॉलेज जाने के लिए करीब दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, क्योंकि नियमित बस सेवा को सरकार ने बंद कर दिया है, जबकि सवाल यह है कि यह क्षेत्र आपदा प्रभावित नहीं था, इसलिए यहां पर सड़कों को कोई नुक्सान नहीं हुआ था, फिर एचआरटीसी द्वारा इस रूट को क्यों बंद किया गया।
उन्होंने कहा कि बिटिया अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन यदि सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई कर एक उदाहरण पेश नहीं किया, तो ऐसे अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

