हिमाचल में एसआईआर को लेकर भाजपा की तैयारी, 17 को होगी कार्यशाला
शिमला, 07 जनवरी (हि.स.)। विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ऑफ वोटर लिस्ट—एसआईआर) को लेकर हिमाचल प्रदेश में भी भाजपा अलर्ट हो गई है। भाजपा की ओर से एसआईआर अभियान की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने शिमला में एक अहम बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न प्रकोष्ठों से जुड़े पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य 17 तारीख को शिमला के गेयटी थिएटर में होने वाले बड़े कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना था।
बैठक में भाजपा नेता एवं प्रकोष्ठ समन्वयक पुरुषोत्तम गुलेरिया, प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, प्रदेश सचिव तिलक राज शर्मा और प्रदेश कोषाध्यक्ष कमल सूद विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान एसआईआर अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा, सहभागियों की सूची और आयोजन से जुड़े अन्य पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
पुरुषोत्तम गुलेरिया ने बताया कि 17 तारीख को गेयटी थिएटर में होने वाले कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया जाएगा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण क्यों जरूरी है और लोकतंत्र में इसकी क्या भूमिका है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में यह भी बताया जाएगा कि इससे पहले कब-कब इस तरह का पुनरीक्षण किया गया है और इसके पीछे का उद्देश्य क्या रहा है। मुख्य वक्ता तथ्यों और उदाहरणों के साथ इन विषयों पर अपनी बात रखेंगे, ताकि लोगों तक सही और स्पष्ट जानकारी पहुंचे।
गुलेरिया के अनुसार आज की बैठक इसी कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए बुलाई गई थी, जिसमें करीब 113–114 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इनमें अधिकतर कार्यकर्ता शिमला जिला से थे, जबकि शिमला संसदीय क्षेत्र के जिला अध्यक्ष और जिला महामंत्री भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में इस बात पर खास जोर दिया गया कि कार्यक्रम पूरी तरह अनुशासित और व्यवस्थित हो।
उन्होंने बताया कि 17 तारीख के कार्यक्रम में केवल भाजपा कार्यकर्ताओं को ही नहीं, बल्कि समाज के बुद्धिजीवी वर्ग, ओपिनियन मेकर, जागरूक मतदाता और प्रभावशाली लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उनका कहना था कि जब ऐसे वर्गों के सामने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे अहम विषय पर विशेषज्ञ और अनुभवी नेता अपनी बात रखते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने और मजबूत करने में मदद मिलती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

