आर्यसमाज मंदिर मंडी में श्रावणी पर्व वेद सप्ताह में बही वेद ज्ञान की गंगा...

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आर्यसमाज मंदिर मंडी में श्रावणी पर्व वेद सप्ताह में बही वेद ज्ञान की गंगा...


आर्यसमाज मंदिर मंडी में श्रावणी पर्व वेद सप्ताह में बही वेद ज्ञान की गंगा...


मंडी, 30 अगस्त (हि.स.)। आर्यसमाज मंदिर मंडी में श्रावणी पर्व वेद सप्ताह का आयोजन धूमधाम से किया गया। 26 अगस्त से तीस अगस्त तक आयोजित श्रावणी पर्व वेद सप्ताह में वेद ज्ञान की पावन गंगा प्रवाहित हुई। आर्यसमाज मंदिर के प्रधान ई. कोहली व पंडित आचार्य वेदमित्र ने बताया कि इस पांच दिवसीय श्रावणी पर्व वेद सप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश बागपत्त से आए प्रख्यात विद्वान वैदिक प्रवक्ता आचार्य डा. धीरज कुमार के मुखारविंद से चतुर्वेद शतकम यज्ञ भजन व प्रवचन के रूप में वेद ज्ञान की पावन सलिला प्रवाहित हुई।

वहीं पर सुबह व शाम सहारनपुर से आए भजनोपदेशक प्रताप सिंह आर्य के सुमधुर भजनों से वातावरण भक्तिमय माहौल में रमा रहा। इसके अलावा नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से नशा निवारण पर नारा लेखन प्रतियोगिता करवाई गई। जिसमें शहर की पाठशालाओं के प्राईमरी, मिडल तथा हाई तथा सीनियर सेकेंडरी के बच्चों के अलग-अलग ग्रुप शामिल रहे। जिसमें हाई व जमा दो के वर्ग में समृद्धि चंदेल डीएवी सीपीएस मंडी प्रथम, उमंग ठाकुर द्वित्तीय तथा स्वामी विवेकानंद स्कूल रामनगर की छात्रा आराध्या तीसरे स्थान पर रही।

वहीं पर डीएवीसीपीएस की आराध्या को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं पर माध्यमिक वर्ग में दयानंद आर्या विद्यालय की याशिमा प्रथम, सरस्वती विद्या मंदिर की दयर द्वित्तीय और दयानंद आर्या विद्यालय की अवनी तीसरे स्थान पर रही। इसके अलावा प्राईमरी वर्ग दयानंद आर्या विद्यालय की दिक्षिता प्रथम, डीएवी सीपीएस मंडी की अन्नया द्वित्तीय और आराध्या तीसरे स्थान पर रही।

श्रावणी पर्व वेद सप्ताह का समापन्न रविवार 30 अगस्त को हवन, यज्ञ, सामूहिक पूर्णाहुति, आशीर्वाद , प्रसाद वितरण, भजन व प्रवचन के साथ हुई। इस अवसर पर आचार्य डा. धीरज कुमार ने कहा कि यज्ञ का मानव जीवन में बहुत महत्व है। यज्ञ से मानवीय जीवन और प्रकृति दोनों का शुद्धिकरण होता है। उन्होंने बताया कि यज्ञ एक ऐसी वैज्ञानिक प्रक्रिया है जो बादलों को पवित्र करती है, वायु को शुद्ध करती और रोगों का नाश करती है। उन्होंने कहा कि यज्ञ परोपकार सीखाता है, परोपकार बढ़ाता है। यज्ञ हमें पशुत्व से निकालकर मनुष्यत्व की ओर अग्रसर करता है।

आचार्य डा. धीरज कुमार ने कहा कि वेदमंत्रों और श्लाेकों को साथ लेकर यज्ञ में आहुति दी है हमने चारों वेदों के सूत्रों -श्लाेकों के साथ विशेष आहुति डाली है। इसके अलावा भजनोपदेशक प्रताप सिंह आर्य के भजनों ने इस अवसर पर खूब समा बांधा। श्रावणी पर्व वेदसप्ताह के समापन्न अवसर पर बड़ी संख्या में आर्यसमाज के यजमान और स्कूली बच्चे भी मौजूद रहे । जिन्होंने नशा निवारण नारा लेखन प्रतियोगिता में भाग लिया उन्हें प्रात्साहन राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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