शिमला से सब्जी, अनाज और लकड़ी मंडी को बाहर ले जाने की तैयारी

WhatsApp Channel Join Now
शिमला से सब्जी, अनाज और लकड़ी मंडी को बाहर ले जाने की तैयारी


शिमला, 30 जून (हि.स.)। शिमला शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने सब्जी मंडी, अनाज मंडी, लकड़ी मंडी तथा परिवहन गतिविधियों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी संबंध में मंगलवार को उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रस्तावित स्थान और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि शहर से प्रमुख मंडियों और ट्रांसपोर्ट गतिविधियों को बाहर स्थानांतरित करने की योजना पर प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है। इसके तहत मेहली के समीप लगभग 300 बीघा प्रस्तावित भूमि का संयुक्त निरीक्षण किया गया है। इस निरीक्षण में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी), परिवहन विभाग, नगर निगम शिमला और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।

उन्होंने कहा कि शिमला में प्रतिदिन वाहनों की संख्या बढ़ रही है, जिसके कारण शहर के विभिन्न बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंडियों और परिवहन गतिविधियों से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही भी यातायात व्यवस्था को प्रभावित करती है। ऐसे में शहर के भीतर स्थित प्रमुख मंडियों और प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर को शहर से बाहर स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाया जा सके।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मेहली के पास प्रस्तावित 300 बीघा भूमि मंडियों के स्थानांतरण और ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। यह भूमि निर्माणाधीन मेहली-शोघी फोरलेन के निकट स्थित है, जिससे व्यापारियों, आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों को बेहतर संपर्क सुविधा मिल सकेगी।

प्रशासन का मानना है कि इस स्थान पर आवश्यक ढांचागत सुविधाएं विकसित होने के बाद शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

प्रशासन की ओर से फिलहाल भूमि और अन्य आवश्यक पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। आगामी चरणों में विभिन्न विभागों की रिपोर्ट और तकनीकी आकलन के आधार पर इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। यदि यह योजना साकार होती है तो इससे शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कम करने और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story