सुरक्षित राष्ट्र, सशक्त समाज और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ शिक्षा महाकुंभ

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सुरक्षित राष्ट्र, सशक्त समाज और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ शिक्षा महाकुंभ


सुरक्षित राष्ट्र, सशक्त समाज और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ शिक्षा महाकुंभ


हमीरपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा महाकुंभ-6.0 रविवार को सुरक्षित राष्ट्र, सशक्त समाज और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। ‘सुरक्षित भारत–विकसित भारत’ विषय पर आयोजित इस महाकुंभ में राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक समरसता, मीडिया साक्षरता, कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग और सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों पर व्यापक मंथन किया गया। समापन समारोह में शिक्षा महाकुंभ-7.0 के आयोजन के लिए बैटन आईआईटी जम्मू को सौंपी गई।

समापन समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक एवं समाजसेवी डॉ. इंद्रेश कुमार, आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा, आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा, इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. केजी सुरेश, त्रिपुरा सरकार की सचिव सोनल गोयल और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली के रजिस्ट्रार अमिताभ रंजन सहित अनेक शिक्षाविद् एवं विशेषज्ञ शामिल हुए।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के तीन प्रमुख आधार शिक्षा, सुरक्षा और समृद्धि हैं। भारत इन क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को निरंतर मजबूत कर रहा है। उन्होंने अनुसंधान एवं नवाचार, योग्यता आधारित अवसर, भ्रष्टाचार और नशे पर नियंत्रण तथा बुनियादी ढांचे के विकास को महत्वपूर्ण बताया। ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को विकसित किया है और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

विविधता को विवाद नहीं, सुंदरता का आधार मानें : डॉ. इंद्रेश कुमार

डॉ. इंद्रेश कुमार ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना पर बल देते हुए कहा कि विविधता को विवाद का नहीं, बल्कि सुंदरता का आधार मानना चाहिए। उन्होंने ‘नेशन फर्स्ट, नेशन लास्ट और नेशन ऑलवेज’ का संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि अच्छे इंसान, जिम्मेदार नागरिक और देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति तैयार करना भी है।

मीडिया साक्षरता और तकनीकी नवाचार पर जोर

प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि बदलते नैरेटिव के दौर में सूचनाओं की सत्यता जांचना और भ्रामक जानकारी से बचना आवश्यक है। जिम्मेदार मीडिया और तथ्यों पर आधारित संवाद सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण हैं। वहीं, प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने हिमालयी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन के लिए पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर जोर दिया।

प्रो. राजीव आहूजा ने कहा कि एआई और डिजिटल तकनीक कृषि को अधिक उत्पादक एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सोनल गोयल ने भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़ी आंतरिक सुरक्षा एवं प्रशासनिक चुनौतियों पर विचार रखे, जबकि अमिताभ रंजन ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में सरकारी योजनाओं की भूमिका रेखांकित की।

समापन समारोह में डीएचई द्वारा तैयार ‘तेजस ओलंपियाड’ का लोकार्पण भी किया गया। तीन दिवसीय आयोजन में शिक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक चेतना, तकनीकी विकास और सामाजिक समरसता पर हुए संवादों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं नवाचार की भूमिका को रेखांकित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

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