100 स्कूल बंद करने के फैसले पर शांता कुमार ने उठाए सवाल, सरकार से मांगा खर्च का हिसाब

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100 स्कूल बंद करने के फैसले पर शांता कुमार ने उठाए सवाल, सरकार से मांगा खर्च का हिसाब


100 स्कूल बंद करने के फैसले पर शांता कुमार ने उठाए सवाल, सरकार से मांगा खर्च का हिसाब


शिमला, 07 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों के अभाव वाले 100 सरकारी स्कूलों को बंद करने के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में ऐसे करीब 900 स्कूल बंद किए जा चुके हैं।

शांता कुमार ने बुधवार काे एक बयान में कहा कि हाल ही में बंद किए गए 100 स्कूलों में 77 प्राथमिक और 23 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले भी ऐसे कई स्कूल बंद किए गए हैं और आने वाले समय में कुछ और स्कूलों को बंद किया जा सकता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन स्कूलों में एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया था तो इन्हें खोला ही क्यों गया। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के लिए भवनों का निर्माण किया गया होगा, अध्यापकों की नियुक्तियां हुई होंगी और अन्य मदों में भी सरकारी धन खर्च हुआ होगा।

शांता कुमार ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह स्पष्ट करे कि राज्य में इस प्रकार के कुल कितने स्कूल खोले गए, कितने बंद किए गए तथा इन स्कूलों के भवन निर्माण, अध्यापकों की नियुक्ति और अन्य व्यवस्थाओं पर कुल कितना सरकारी धन खर्च किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से अधिकतर स्कूल चुनाव के समय किसी क्षेत्र से अधिक वोट हासिल करने के उद्देश्य से खोले जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है कि ऐसे स्कूल खोले जाएं जहां पढ़ने के लिए एक भी विद्यार्थी उपलब्ध न हो।

पूर्व मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से भी आग्रह किया कि वे इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी जुटाएं और सरकार से स्कूलों को खोलने तथा बाद में बंद करने के पीछे हुए खर्च और कारणों का पूरा ब्यौरा मांगें।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

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