सेब क्षेत्रों में सड़क बहाली को दे प्राथमिकता, संवेदनशील क्षेत्रों में मशीनरी रखें तैनात : अलीशा चौहान
मंडी, 21 जुलाई (हि.स.)। मंडी जिला के करसोग उपमंडल में मानसून सीजन के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी की गई है। एसडीएम करसोग अलीशा चौहान की अध्यक्षता में इस बारे समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा मानसून सीजन के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में एसडीएम अलीशा चौहान ने कहा कि गत वर्ष मानसून के दौरान हुए अनुभवों से सीख लेते हुए इस वर्ष पहले से बेहतर एवं प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने गत वर्ष सरकोल नाला में हुई बादल फटने की घटना का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि बरसात के दौरान कुट्टी तथा पुराने बाजार क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग नहीं की जाएगी। साथ ही खतरे वाले चिन्हित स्थानों पर संभावित जोखिम को देखते हुए आवश्यक होने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए चिन्हित स्थानों पर भोजन, पेयजल, बिजली, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित सभी व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि एसडीएम कार्यालय परिसर में शीघ्र ही एक हूटर भी स्थापित किया जाएगा, जिसका उपयोग आपदा अथवा संभावित खतरे की स्थिति में लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए किया जाएगा।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को मानसून सीजन के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए, ताकि आपदा संबंधी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान एवं समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

