सरदार पटेल विश्वविद्यालय को बंद करने पर कांग्रेस सरकार आमादा, मंडी के साथ कर रही भेदभाव : राकेश जमवाल

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सरदार पटेल विश्वविद्यालय को बंद करने पर कांग्रेस सरकार आमादा, मंडी के साथ कर रही भेदभाव : राकेश जमवाल


मंडी, 29 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के विधायक राकेश जमवाल ने विधानसभा में नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सत्ता में आते ही भाजपा सरकार द्वारा स्थापित संस्थानों को बंद करने की नीयत से काम कर रही है और मंडी स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय को व्यवस्थित ढंग से कमजोर किया जा रहा है।

जमवाल ने कहा कि वर्ष 2022 में मंडी में सरदार पटेल विश्वविद्यालय की स्थापना भाजपा सरकार ने इस उद्देश्य से की थी कि शिमला विश्वविद्यालय का बोझ कम हो और निचले हिमाचल के विद्यार्थियों को घर-द्वार पर उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सके। प्रारंभ में मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और चंबा जिलों के 122 कॉलेज इस विश्वविद्यालय से जुड़े थे और लगभग 32 हजार विद्यार्थी इसमें पंजीकृत हुए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने पहले कांगड़ा और चंबा जिलों के कॉलेजों को शिमला विश्वविद्यालय में स्थानांतरित किया और अब हाल ही में 16 बी.एड. कॉलेज भी मंडी विश्वविद्यालय से निकालकर शिमला विश्वविद्यालय में जोड़ दिए। वर्तमान में इस विश्वविद्यालय के पास केवल 29 कॉलेज ही बचे हैं, जबकि शुरुआत में यह संख्या 122 थी। इससे बीएड कॉलेज निकालने से विश्वविद्यालय को करीब 2.5 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होगा।

विधायक जमवाल ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से मंडी में भवन बनाए गए, कुलपति व रजिस्ट्रार सहित स्टाफ की नियुक्ति की गई, लेकिन कांग्रेस सरकार की नीयत शुरू से ही इस विश्वविद्यालय को बंद करने की रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जोगिंदरनगर का विद्यार्थी मंडी आकर दो घंटे में अपना काम कर सकता है, जबकि बैजनाथ से शिमला जाने पर उसे तीन दिन लगेंगे। कांग्रेस सरकार की यह नीति विद्यार्थियों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि परेशानी बढ़ाने वाली है।

उन्होंने आगे कहा कि मंडी जिले से भाजपा के 10 में से 9 विधायक चुनकर आने के कारण कांग्रेस सरकार मंडी के साथ भेदभाव कर रही है। विकास कार्य ठप पड़े हैं और अब शिक्षा संस्थानों को भी राजनीतिक दुर्भावना के कारण कमजोर किया जा रहा है। जमवाल ने सरकार से मांग की कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय से बी.एड. कॉलेजों को शिमला विश्वविद्यालय में स्थानांतरित करने का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इस मुद्दे पर छात्रों और अभिभावकों के साथ है और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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