संजौली मस्जिद मामला : हिमाचल हाईकोर्ट में चार सप्ताह तक टली सुनवाई
शिमला, 06 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी शिमला में बहुचर्चित संजौली मस्जिद से जुड़े मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम शिमला की ओर से अदालत में अनुपालना रिपोर्ट पेश की गई। इसमें बताया गया कि मस्जिद की निचली दो मंज़िलों को छोड़कर ऊपर बनी अतिरिक्त मंज़िलों को गिरा दिया गया है।
इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए कहा कि मामले पर आगे विचार चार सप्ताह बाद किया जाएगा और उसी समय अगली सुनवाई होगी।
इससे पहले हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला और जिला अदालत शिमला के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें मस्जिद की निचली दो मंज़िलों को गिराने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि अदालत ने ऊपरी मंज़िलों को गिराने के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि याचिकाकर्ता नगर निगम को दिए गए अपने आश्वासन के अनुसार कार्रवाई करे। इस आश्वासन में खुद ही निचली दो मंज़िलों को छोड़कर बाकी अतिरिक्त निर्माण हटाने की बात कही गई थी।
नगर निगम शिमला की ओर से अदालत में यह भी कहा गया था कि मस्जिद के निर्माण के लिए मस्जिद कमेटी या वक्फ बोर्ड को कभी अनुमति नहीं दी गई थी। इसलिए निगम के अनुसार यह निर्माण केवल अनधिकृत ही नहीं बल्कि अवैध है।
वहीं, इस मामले में वक्फ बोर्ड की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि संजौली की यह मस्जिद करीब 100 साल पुरानी है और इसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का बताया गया है।
गौरतलब है कि 30 अक्तूबर 2025 को शिमला जिला अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए नगर निगम शिमला के आयुक्त कोर्ट के आदेश को सही ठहराया था। जिला अदालत ने मस्जिद की निचली दोनों मंज़िलों को भी अवैध करार देते हुए उन्हें 31 दिसंबर 2025 तक गिराने के निर्देश दिए थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

