शिमला में आरएसएस स्वयंसेवकों ने किया शस्त्र पूजन, निकाला पथ संचलन
शिमला, 18 अक्टूबर (हि.स.)। विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को शिमला के तिलकनगर (बालूगंज) और कसुम्पटी नगर में स्वयंसेवकों ने शस्त्र पूजन, नगर एकत्रीकरण और पथ संचलन का आयोजन किया। तिलकनगर बालूगंज में 215 स्वयंसेवकों ने पथ संचलन में भाग लिया, जबकि कसुम्पटी नगर में 220 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए। दोनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में संघ की परंपराओं, अनुशासन, राष्ट्र सेवा और सामाजिक समरसता पर जोर दिया गया।
समरहिल और चक्कर से निकला पथ संचलन
शिमला के तिलकनगर (बालूगंज) में पथ संचलन उपनगर समरहिल और कोर्ट परिसर चक्कर से दो स्थानों पर शुरू हुआ। दोनों स्थानों से निकले पथ संचलन बालूगंज मैदान में आकर मिले। इसके बाद गोपाल मंदिर के समीप खेल मैदान में शस्त्र पूजन और बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रांत संपर्क प्रमुख बलराम शर्मा मुख्य वक्ता रहे। अध्यक्षता ललित ने की। जिला संघ चालक अजय सूद और नगर संघ चालक ज्योति प्रकाश भी उपस्थित रहे। बलराम शर्मा ने विजयादशमी पर बुराई पर अच्छाई की जीत के महत्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका पर विचार रखे। संघ के 101वें वर्ष के संदर्भ में उन्होंने जातिवाद जैसी सामाजिक कुरीतियों पर चोट करते हुए कहा कि संघ राष्ट्र आराधना में विश्वास करता है और हिंदू समाज के संगठन के लिए काम करता है। उन्होंने समाज से देशहित में संघ की पंच परिवर्तन योजना पर चलने का आग्रह किया।
कसुम्पटी में 220 स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन
कसुम्पटी नगर में संघ शताब्दी वर्ष और विजयादशमी उत्सव के उपलक्ष्य में नगर एकत्रीकरण और पथ संचलन आयोजित किया गया। स्वयंसेवकों ने छोटा शिमला के पार्किंग क्षेत्र और विकासनगर स्थित हिम रश्मि परिसर (सरस्वती विद्या मंदिर) से रानी मैदान, कसुम्पटी तक कदमताल की। इस दौरान समाज के लोगों ने स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा की। कार्यक्रम में 27 अन्य लोगों ने भी भाग लिया। आयोजन के बाद भोजन की व्यवस्था की गई।
ज्ञान जी और डॉ. चेतराम भारद्वाज ने किया संबोधित
कसुम्पटी के कार्यक्रम में विद्या भारती के प्रांत संगठन मंत्री ज्ञान मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि भारत का सांस्कृतिक विचार ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ है। स्वयंसेवकों को इस ध्येय की प्राप्ति के लिए स्वयं से प्रयास शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाना स्वयंसेवकों के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और लेखक-साहित्यकार डॉ. चेतराम भारद्वाज ने कहा कि बीते सौ वर्षों में संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन गया है। राष्ट्र निर्माण और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में स्वयंसेवकों का योगदान अतुलनीय रहा है।
इस अवसर पर प्रांत कार्यकारिणी सदस्य वीरेन्द्र सिपेहिया, विभाग संघचालक राजकुमार वर्मा, विभाग प्रचारक महेश्वर और नगर संघचालक राजेंद्र भारद्वाज सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

