हिमाचल में 1045 शाखाओं के साथ संघ का विस्तार तेज, समाज तक बढ़ी पहुंच : डॉ. वीर सिंह रांगड़ा

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हिमाचल में 1045 शाखाओं के साथ संघ का विस्तार तेज, समाज तक बढ़ी पहुंच : डॉ. वीर सिंह रांगड़ा


शिमला, 17 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और इसकी पहुंच समाज के अलग-अलग वर्गों तक तेजी से बढ़ी है। शिमला में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रांत के संघचालक डॉ. वीर सिंह रांगड़ा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 26 संगठनात्मक जिलों में 728 स्थानों पर 1,045 शाखाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 283 साप्ताहिक मिलन और 141 संघ मंडलियां भी सक्रिय हैं, जो संगठन के विस्तार और सक्रियता को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष के दौरान हिमाचल में गतिविधियां और तेज हुई हैं। प्रदेश में 204 विजयादशमी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 28 हजार 916 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। समाज से सीधे जुड़ने के लिए चलाए गए गृह संपर्क अभियान के तहत 12 लाख 22 हजार से अधिक घरों तक पहुंच बनाई गई, जबकि 4,118 विशेष व्यक्तियों से संपर्क किया गया। इसके अलावा प्रदेश में 1,089 हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से सामाजिक एकता और जागरूकता को बढ़ावा दिया गया।

डॉ. रांगड़ा ने कहा कि संघ केवल संगठन विस्तार पर ही नहीं, समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने पर भी जोर दे रहा है। ‘पंच परिवर्तन’ जैसे अभियानों के माध्यम से समाज में जागरूकता और गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को अपनाकर ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि महापुरुषों के योगदान को जाति और पंथ से ऊपर उठकर स्वीकार किया जाए।

उन्होंने हरियाणा के समालखा (पानीपत) में 13 से 15 मार्च तक आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय बैठक में देशभर से 1,438 कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें हिमाचल प्रदेश से 21 प्रतिनिधि भी थे। बैठक का शुभारंभ सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया।

उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि सभा में देशभर में संघ कार्यों की समीक्षा की गई और पाया गया कि पिछले वर्ष संगठन में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। देशभर में शाखाओं की संख्या बढ़कर 88 हजार से अधिक हो गई है, जबकि कार्यस्थलों की संख्या 55 हजार से ज्यादा हो चुकी है। साप्ताहिक मिलन 32 हजार से अधिक और मंडलियों की संख्या 13 हजार से ज्यादा हो गई है।

बैठक में संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। देशभर में आयोजित विजयादशमी कार्यक्रमों में लाखों स्वयंसेवकों की भागीदारी रही और गृह संपर्क अभियान के माध्यम से करोड़ों परिवारों तक पहुंच बनाई गई।

डॉ. रांगड़ा ने बताया कि संघ समाज में समरसता और जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न ऐतिहासिक और सामाजिक अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान वर्ष पर देशभर में 2 हजार से अधिक कार्यक्रम हुए, जिनमें 7 लाख से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। वहीं वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ भी व्यापक स्तर पर मनाई गई। आने वाले समय में संत रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पत्रकार वार्ता में विभाग संघचालक राजकुमार वर्मा और प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप समयाल भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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