दिव्यांगजनों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : अपूर्व देवगन
मंडी, 07 अक्टूबर (हि.स.)। जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति,राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के तहत गठित जिला मंडी की स्थानीय स्तर समिति,मैनुअल स्वेवेंजर एक्ट 2013 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता समिति तथा अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम 1989 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की
अध्यक्षता उपायुक्त अपूर्व देवगन ने की।
उपायुक्त ने दिव्यांगजनों के कल्याण, सफाई कर्मचारियों और कमजोर वर्गों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें कि आवश्यकता पर बल दिया ।उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को पारदर्शिता से धरातल तक पहुंचाने के दिए निर्देश। उपायुक्त ने शहरी निकायों तथा जिला पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी ग्राम सभाओं एवं शहरी निकायों की बैठकों में सीमित संरक्षता की मार्गदर्शिका को शामिल कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने समिति को निर्देश दिए कि जिन पात्र बच्चों के संरक्षक अब तक नियुक्त नहीं हुए हैं, उनके मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा दिव्यांगजनों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने यूडीआईडी के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।
बैठक में यूनिक डिसएबिलिटी आईडी तथा मेडिकल बोर्ड से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। अप्रैल से जून 2026 तक आयोजित आठ मेडिकल बोर्डों के माध्यम से 454 दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। जोनल अस्पताल में हर माह के दूसरे सप्ताह व चौथे सप्ताह को दिव्यांगता बोर्ड बैठता है जिस का दिव्यांगजन लाभ उठा सकते हैं।
दिव्यांग कल्याण योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 अगस्त 2026 तक 11,950 लाभार्थियों को दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

