आसमानी गर्जना और आंधी तुफान ने उड़ाई सैंकड़ों छत्तें, पेड़ उखड़े, कई वाहन हुए क्षतिग्रस्त, गुल रही बिजली
मंडी, 11 मई (हि.स.)। रविवार की आधी रात को आसमानी गर्जना व आंधी तुफान ने मंडी जिले में खूब कहर मचाया। चैन से सोए लोग हड़बड़ा का उठ गए। लोगों में इस आंधी तुफान व आसमानी गर्जना ने इतना खौफ भर दिया कि लोगों ने रात बैठकर काटी। इसी बीच बिजली भी गुल हो गई जो कुछ जगह पर तो सुबह बहाल हो गई मगर अधिकांश जगह पर कई घंटों के बाद ही बहाल हो सकी। ऐसे में दो दिन की छुट्टियों के बाद सोमवार को नहा धोकर काम पर या रोजमर्रा के काम के लिए निकलने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बिजली गुल होने से सुबह की भाग दौड़ में न तो मोबाइल चार्ज हो पाए और न नहाने धोने का काम ही हो पाया। जैसे तैसे ही लोगों को घरों से निकलना पड़ा। स्कूल कालेज व अन्य शिक्षण संस्थानों में जाने वाले बच्चों का भी यही हाल हुआ। जिले की चौहार घाटी, सराज घाटी, सुंदरनगर, पंडोह समेत लगभग सभी जगह पर कई घरों की छत्तें ही उड़ गई। यही नहीं सराज के कई स्कूलों की छत्तें इस आंधी तुफान से हवा हवाई हो गई। गनीमत यह रही कि यह सब आधी रात को हुआ। दिन के समय होता तो कई जानी नुक्सान भी हो सकते थे। सुंदरनगर, बालीचौकी क्षेत्र व पंडोह आदि में कई वाहन पेड़ गिरने से टूट गए।
इन दिनों शादियों का सीजन चला हुआ है और इसके लिए लगाए गए टेंट भी उड़ कर कहीं दूर जा पहुंचे और इससे नुकसान के साथ साथ परेशानी भी खूब हुई। आंधी तुफान के चलते लोग पूरी रात सो नहीं पाए। आधी रात को लगभग 2 बजे शुरू हुए इस कहर ने लोगों को खौफजदा कर दिया। इस आंधी तुफान ने फसलों व फलदार पौधों पर भी कहर ढाया। कई क्षेत्रों में गंदम की कटाई चल रही है मगर इस आधी तुफान और बारिश ने यह काम रोक दिया। पक चुकी गंदम अब बार बार बारिश होने से काली होने लगी है। ऐसे में किसानों की 6 महीने की कमाई बर्बाद होने का खतरा बना हुआ है। बारिश से मौसम एक बार फिर से खुशगवार हो गया। प्रचंड हो रही गर्मी फिर से काफूर हो गई और मई महीने में भी फरवरी मार्च की फिलिंग आने लगी। कुछ भी हो इस आंधी तुफान ने जिले में भले ही कोई जानी नुकसान नहीं किया मगर संपत्ति को बहुत नुकसान हो गया। लोगों ने प्रशासन से इस नुकसान का आकलन करके मुआवजा व राहत देने की मांग उठाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

