वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के विरोध में शिमला में प्रदर्शन
शिमला, 05 जनवरी (हि.स.)। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए कथित सैन्य हमलों के विरोध में सोमवार को शिमला में प्रदर्शन किया गया। सीटू केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर सीटू जिला कमेटी शिमला ने जिलाधीश कार्यालय के बाहर यह प्रदर्शन किया, जहां अमेरिका की आक्रामक नीतियों की कड़ी निंदा की गई और नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि 3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस सहित कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। उनके अनुसार इन हमलों में एयरबेस, रडार स्टेशन, बंदरगाह और मिरांडा हवाई अड्डा भी निशाने पर रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ये हमले वेनेजुएला की संप्रभुता के खिलाफ हैं।
सीटू के राज्य कोषाध्यक्ष जगत राम ने कहा कि इन कथित हमलों का मकसद वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों, खासकर तेल, गैस और खनिज संपदा पर कब्जा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे देश की राजनीतिक स्वतंत्रता को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। जगत राम ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की भी निंदा की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका की युद्धोन्मादी नीतियां अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा हैं। उनका आरोप था कि अमेरिका विकासशील देशों पर आर्थिक प्रतिबंध, ऊंचे टैरिफ और सैन्य दबाव बनाकर उन्हें अपने प्रभाव में रखने की कोशिश करता है।
प्रदर्शन के माध्यम से मांग की गई कि वेनेजुएला में कथित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप तुरंत बंद हो, सभी सैनिकों की बिना शर्त वापसी की जाए और देश की राजनीतिक व आर्थिक स्वतंत्रता बहाल की जाए। साथ ही राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की तत्काल रिहाई की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से अपील की कि वह इन कथित हमलों का खुलकर विरोध करे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संप्रभुता, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और गुटनिरपेक्षता के सिद्धांतों का समर्थन करे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

