शिमला में प्राथमिक शिक्षक संघ की आग्रह रैली, नई परिसर प्रणाली की अधिसूचना वापस लेने की मांग
शिमला, 01 मार्च (हि.स.)। राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में रविवार को राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने नई परिसर प्रणाली के खिलाफ आग्रह रैली निकालकर सरकार के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। रैली में जिला शिमला के सभी 21 खंडों की कार्यकारिणी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में प्राथमिक शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने जिला उपायुक्त शिमला के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए 23 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग की।
रैली को संबोधित करते हुए संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि नई परिसर प्रणाली के तहत प्राथमिक शिक्षा का प्रशासनिक नियंत्रण प्रिंसिपल के अधीन करने का प्रस्ताव प्राथमिक शिक्षा के अलग और स्वतंत्र ढांचे को कमजोर कर देगा। उनका कहना रहा कि प्रदेश में वर्ष 1984 से प्राथमिक शिक्षा का स्वतंत्र ढांचा प्रभावी ढंग से काम कर रहा है और इसी व्यवस्था के कारण हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जिला शिमला के अध्यक्ष मनोज नेगी ने कहा कि 23 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना प्राथमिक शिक्षकों के हितों पर सीधा प्रहार है। उनके अनुसार प्राथमिक शिक्षा का अलग प्रशासनिक ढांचा ही प्रदेश की शैक्षणिक उपलब्धियों की मजबूत आधारशिला रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षकों की भावनाओं को समझते हुए इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
नेगी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शिक्षकों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संघ राज्य स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा। रैली के दौरान शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की और कहा कि प्राथमिक शिक्षा की मौजूदा व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

