राजयोग से आध्यात्मिक सशक्तिकरण ही सच्चा महिला सशक्तिकरण : ब्रह्माकुमारीज़

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राजयोग से आध्यात्मिक सशक्तिकरण ही सच्चा महिला सशक्तिकरण : ब्रह्माकुमारीज़


मंडी, 08 मार्च (हि.स.)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय के भ्यूली स्थित सद्भावना भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के आरंभ में मंडी सर्कल हेड बी.के. शीला दीदी का प्रेरणादायी संदेश सुनाया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि जब महिला अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर परमपिता परमात्मा शिव से राजयोग के माध्यम से जुड़ती है, तब उसमें आत्मविश्वास, शांति और शक्ति का विकास होता है, जो सच्चे सशक्तिकरण का आधार है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नीतू, डिप्टी डायरेक्टर फिशरीज रहीं, जबकि नीलम ठाकुर, इंटरनेशनल चेयरपर्सन ह्यूमन राइट्स फेडरेशन एवं नेशनल सुप्रीमो एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की समाजसेवी के रूप में विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर भंगरोटू केंद्र की इंचार्ज बी.के. प्रेम दीदी ने कहा कि महिलाओं में अनंत शक्तियां निहित हैं, किंतु आध्यात्मिक ज्ञान के अभाव में वे उन्हें भूल जाती हैं।

उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्था की स्थापना 1936 में परमपिता परमात्मा शिव की प्रेरणा से हुई और तब से ही इस संगठन का संचालन मुख्य रूप से महिलाओं के हाथों में है, जो महिला नेतृत्व का अनूठा उदाहरण है। सुंदरनगर केंद्र की इंचार्ज बी.के. शिखा दीदी ने राजयोग के माध्यम से आध्यात्मिक सशक्तिकरण की महत्ता बताते हुए कहा कि राजयोग के अभ्यास से मन में शांति, सकारात्मकता और आत्मबल का विकास होता है, जिससे व्यक्ति जीवन की परिस्थितियों का सामना सहजता से कर पाता है।

मुख्य अतिथि नीतू ने अपने संबोधन में कहा कि यदि आज वे एक जिम्मेदार पद पर कार्य कर रही हैं, तो इसके पीछे उनके पिता का विशेष सहयोग और प्रेरणा रही है। उन्होंने कहा कि अक्सर हर सफल महिला के पीछे किसी न किसी रूप में एक पुरुष चाहे वह पिता, भाई, पति या गुरु हो — का समर्थन और विश्वास अवश्य होता है। इसलिए समाज में महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ पुरुषों की सकारात्मक भूमिका और सहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं की सामाजिक और राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किए जा रहे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में सभी ने महिला सम्मान, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक जागरूकता को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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