पायलट प्रोजेक्ट: अब कबूतर की तरह संदेशवाहक के रूप में डाक पहुंचाएगा ड्रोन

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पायलट प्रोजेक्ट: अब कबूतर की तरह संदेशवाहक के रूप में डाक पहुंचाएगा ड्रोन


मंडी, 13 जून (हि.स.)। पुराने जमाने में लोग अपनी चिठ्ठी दूसरी जगह पहुंचाने के लिए कबूतरों को संदेश वाहन के रूप में इस्तेमाल किया करते थे। लेकिन आज के दौर में चिट्ठी व डाक पहुंचाना बहुत आसान हो गया है। डाक विभाग की ओर से इस दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए डाक पहुंचाने में ड्रोन का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है।

छोटी काशी मंडी से डाक विभाग की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के तहत विधिवत रूप से इस सेवा का शुभारंभ किया गया। स्काई एअर कंपनी के द्वारा डाक विभाग के साथ मिलकर प्रधान कार्यालय मंडी से द्रंग विधानसभा की रेहड़धार शाखा तक सफल डाक पहुंचाई गई। इसके अलावा ड्रोन से ही दिनभर की डाक भी वहां से मंडी तक लायी गई।

डाक विभाग प्रधान कार्यालय डिप्टी सुपरिटेंडेंट संजय कुमार ने बताया कि मात्र छह मिनट में 12 किलोमीटर की दूरी तक कर यह डाक पहुंचाई गई। जो एरियल रूट से 5-6 किलोमीटर की दूरी बनती है। अमूमन इस स्थान पर लेखा ब्रांच से डाक पहुंचाने में एक दिन का समय लग जाता है। लेकिन अब यही डाक मात्र 6 से 10 मिनटों में रेहड़धार तक पहुंचायी और वहां से लायी गई।

डाकपाल मंडी नेहा सांख्यान ने बताया कि पूरे भारतवर्ष में 150 स्थानों पर स्काई एयर कंपनी के द्वारा यह सुविधा दी जा रही है। मंडी जिला में फिलहाल 10 स्थानों पर कंपनी द्वारा ड्रोन डाक सुविधा दी जा रही है। जिससे अब दुर्गम क्षेत्रों में डाक पहुंचाने और लाने में आसानी होगी।

वहीं इस मौके पर स्काई एयर कंपनी कर्मचारी सुभाष दुबे ने बताया कि उनके द्वारा डाक के लिए इस्तेमाल किया जा रहा यह ड्रोन 10 किलोग्राम भार उठाने में सक्षम हैं। जो एरियल रूट में 30 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। मंडी में 10 स्थानों पर कंपनी द्वारा 8 ड्रोन के माध्यम से डाक सुविधा दी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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