शिमला में 50,454 बच्चों को पिलाई गई पोलियो की खुराक

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शिमला में 50,454 बच्चों को पिलाई गई पोलियो की खुराक


शिमला, 28 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत जिला शिमला में रविवार को अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हुआ। अभियान के पहले दिन जिले भर में स्थापित 704 पल्स पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 50,454 बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की दो बूंदें पिलाई गईं। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की सफलता का श्रेय विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों के सहयोग को दिया है।

अभियान के दौरान शोघी पुलिस बैरियर पर एक विशेष पोलियो बूथ भी स्थापित किया गया था। यहां से गुजरने वाली बसों और अन्य वाहनों को रोककर पर्यटकों के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने लोकगीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिनका पर्यटकों ने आनंद लिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ. यशपाल रांटा ने बताया कि विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में चिड़गांव में 3,130, कोटखाई में 5,426, कुमारसैन में 2,065, मशोबरा में 8,166, मतियाना में 5,166, ननखड़ी में 1,129, नेरवा में 7,771, रामपुर में 5,014, सुन्नी में 1,928, टिक्कर में 3,773 तथा शिमला शहरी क्षेत्र में 6,886 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस प्रकार पहले दिन पूरे जिले में कुल 50,454 बच्चों तक पोलियो की जीवनरक्षक दवा पहुंचाई गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 29 और 30 जून को भी जारी रहेगा। इन दोनों दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी, जो पहले दिन किसी कारणवश बूथों तक नहीं पहुंच सके या जिनकी खुराक छूट गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

डॉ. यशपाल रांटा ने अभिभावकों से अपील की कि यदि उनका बच्चा पहले दिन पोलियो बूथ तक नहीं पहुंच पाया है तो वे घर-घर आने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोलियो की दो बूंदें अवश्य पिलवाएं।

उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है और समाज के सभी लोगों की भागीदारी से ही पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को स्थायी रूप से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिला शिमला के लोगों का सहयोग आगे भी इसी तरह मिलता रहेगा और स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचकर इस जनस्वास्थ्य अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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