रजत ठाकुर का विधायक चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप, हलफनामे में जानकारी छिपाने का दावा

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रजत ठाकुर का विधायक चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप, हलफनामे में जानकारी छिपाने का दावा


मंडी, 24 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य एवं धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी रजत ठाकुर ने स्थानीय विधायक चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंडी में वीरवार को पत्रकारों से बात करते हुए रजत ठाकुर ने विधायक चंद्रशेखर पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में जनता से झूठे वादे करके सत्ता में आए विधायक चंद्रशेखर ने धर्मपुर के विकास को दरकिनार कर अपने और अपने परिवार के विकास के लिए सत्ता का दुरूपयोग किया है।

रजत ठाकुर ने कहा कि एक ओर चंद्रशेखर लोगों से कहते हैं कि मुख्यमंत्री मेरे कोई भी काम नहीं करते हैं। जबकि अपने इसी कार्यकाल के पहले वर्ष विधायक ने आलीशान कोठी खड़ी कर दी है। वहीं दूसरे वर्ष उनकी कंपनी अस्तित्व में आई और फिर धर्मपुर की खड्डों और नदियों में करोड़ों रुपए के अवैध खनन का खेल शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि प्रदेश भर में विधायक की पहचान लकड़ी और अवैध खनन के मामलों से जोड़कर की जाने लगी है।

रजत ठाकर ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने अपने चुनावी हलफनामें में कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने चुनाव के समय खुद को गरीब बताकर जनता की सहानुभूति हासिल की गई थी। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर पहाड़ी राज्य लोक सेवा समिति नामक संस्था के चेयरमैन हैं, यह संस्था र्ष 2013 से संचालित है, इसके तहत स्वकार कालेज आफ नर्सिंग का संचालन हो रहा है। जिसमें विधायक चंद्रशेखर की सीधी भूमिका और पद का उल्लेख है। अध्यक्ष होने के नाते वे संस्थानके आय व वित्तीय संबंध थे, तो इसका विवरण 2022 के चुनावी हलफनामे में स्पष्ट क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि धर्मपुर की जनता ने 2022 में विश्वास करके प्रतिनिधि चुना था। यह केवल धर्मपुर का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा विषय है। विधायक चंद्रशेखर को मीडिया और जनता के सामने आकर इन दस्तावेजों और अपनी संपत्ति पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

रजत ठाकुर ने विधायक चंद्रशेखर द्वारा संस्थान और समिति से जुड़े मामलों में की गई अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति जो संवैधानिक पद पर बैठा है, वह किसी संस्थान का चेयरमैन कैसे रह सकता है। इस विषय पर कानूनी राय ली जा रही है। चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाना: चुनावी हलफनामे में कहीं भी नर्सिंग संस्थान, एएनएम और जीएनएम का जिक्र नहीं किया गया है। इसके अलावा चुनाव आयोग को 25-10-2022 को सौंपे गए हलफनामे के कॉलम 9, 9-ए से 9-बी में जानकारी छिपाई गई है। इस पर कानूनी विचार-विमर्श करके अदालत में मामला दायर किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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