पेपर लीक मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, कांग्रेस तोड़ रही लोकतांत्रिक मर्यादा : बिंदल

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पेपर लीक मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, कांग्रेस तोड़ रही लोकतांत्रिक मर्यादा : बिंदल


शिमला, 23 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा है कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ अब तेजी से कार्रवाई होगी और ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से मामलों का जल्द निपटारा होगा और दोषियों को शीघ्र कठोर सजा मिल सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।

शिमला में वीरवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. बिंदल ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा करने के बजाय कांग्रेस सड़क पर टकराव की राजनीति कर रही है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करना, भाजपा मुख्यालय का घेराव करना और तनाव का माहौल बनाना लोकतांत्रिक विरोध का तरीका नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि प्रधानमंत्री आवास और भाजपा मुख्यालय तक जाने की क्या आवश्यकता थी।

डॉ. बिंदल ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इसी दिशा में अब पेपर लीक के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला लिया गया है और संबंधित विभागों व अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने सीबीआई से जांच कराई, आरोपियों को गिरफ्तार किया, दोबारा परीक्षा आयोजित कराई और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी सुधार भी किए। उनका कहना था कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था इस पूरी प्रक्रिया का अगला कदम है, जिससे छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जल्द न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर होता तो संसद में चर्चा करता, सुझाव देता और समाधान निकालने में सहयोग करता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संसद में चर्चा के बजाय हंगामा, विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक टकराव का रास्ता चुना है। उनके अनुसार लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए संसद, विधानसभाएं और अन्य संवैधानिक मंच मौजूद हैं और इन्हीं मंचों का उपयोग होना चाहिए।

डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह युवाओं के भविष्य के मुद्दे पर राजनीति क्यों कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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