पेंशनरों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही कांग्रेस सरकार : अजय राणा
मंडी, 16 मार्च (हि.स.)। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने कहा कि प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुखू सरकार ने अपने 40 महीनों के कार्यकाल में पेंशनरों को केवल आश्वासन देने का काम किया है, जबकि उनकी हजारों करोड़ रुपये की देनदारियां आज भी लंबित पड़ी हैं। अजय राणा ने कहा कि आज प्रदेश के पेंशनर अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। जगह-जगह जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं और अब पेंशनर 30 मार्च को अपने परिवारों के साथ शिमला में विधानसभा घेराव करने की चेतावनी दे रहे हैं। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि प्रदेश सरकार अपने बुजुर्ग कर्मचारियों के साथ किस प्रकार का अन्याय कर रही है।
उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की देनदारियां अभी तक जारी नहीं की गई हैं, जिसके कारण हजारों पेंशनरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा मेडिकल रीइम्बर्समेंट के करीब 50 करोड़ रुपये और अन्य देनदारियों के रूप में लगभग 1100 करोड़ रुपये आज भी लंबित हैं।
अजय राणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार हर बार आपदा और आर्थिक संकट का बहाना बनाकर पेंशनरों की मांगों को टालने का प्रयास कर रही है। लेकिन दूसरी ओर अपने चहेतों के लिए भत्ते बढ़ाने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है और वास्तविक समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी तरह उदासीन है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश के 70–80 वर्ष की आयु के बुजुर्ग पेंशनर अपने अधिकारों के लिए बार-बार सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह कांग्रेस सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

