एफआरए मामलों में देरी पर नाराजगी, राजस्व मंत्री ने तेजी लाने के दिए निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
एफआरए मामलों में देरी पर नाराजगी, राजस्व मंत्री ने तेजी लाने के दिए निर्देश


शिमला, 17 जनवरी (हि.स.)। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने वन अधिकार अधिनियम (एफआरए-2006) से जुड़े मामलों में हो रही देरी पर चिंता जताई है। शिमला में शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अधिकारियों को एफआरए मामलों के निपटारे में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।

राजस्व मंत्री ने कहा कि एफआरए एक जनकल्याणकारी कानून है और इसका समयबद्ध क्रियान्वयन सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मामलों का समय पर निपटारा नहीं होता है तो अधिनियम में जुर्माने का भी प्रावधान है, इसलिए अधिकारी काम में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतें। बैठक के दौरान उन्होंने रोहड़ू, जुब्बल, चौपाल, शिमला ग्रामीण और कुपवी के उपमंडल अधिकारियों से एफआरए मामलों की प्रगति की जानकारी ली।

बैठक में बताया गया कि जिला शिमला में ग्रामसभा स्तर पर अब तक सदस्यों और समुदायों से कुल 262 एफआरए मामले प्राप्त हुए हैं। इनमें से ग्रामीण स्तरीय वन अधिकार समितियों द्वारा 196 मामलों को उपमंडल स्तरीय समितियों को भेजा जा चुका है। हालांकि, मंत्री ने इस पर गहरी नाराजगी जताई कि अब तक एक भी मामला उपमंडल स्तर से जिला स्तरीय समिति को नहीं भेजा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मार्च 2026 तक अधिकतर मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों ने बैठक में यह भी जानकारी दी कि जिला शिमला में कुल 2,266 वन अधिकार समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें चौपाल में 277, डोडरा-क्वार में 9, जुब्बल में 129, कोटखाई में 215, कुपवी में 53, कुमारसेन में 154, रामपुर में 216, रोहड़ू में 170, शिमला ग्रामीण में 473, शिमला शहरी में 19, सुन्नी में 180 और ठियोग में 371 समितियां शामिल हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story