सरकारी योजनाओं के सहारे पायल शर्मा ने खड़ा किया अपना कारोबार, हर महीने 60 से 70 हजार रुपये की आय

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सरकारी योजनाओं के सहारे पायल शर्मा ने खड़ा किया अपना कारोबार, हर महीने 60 से 70 हजार रुपये की आय


मंडी, 05 अगस्त (हि.स.)। मंडी जिला के सुंदरनगर की पायल शर्मा ने आत्मनिर्भर बनने का सपना साकार कर दिखाया है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपना सफल व्यवसाय स्थापित किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।यदि मेहनत के साथ सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिल जाए तो आत्मनिर्भर बनने का सपना साकार हो सकता है।

नगर परिषद सुंदरनगर के वार्ड नंबर-5 बड़ोह निवासी पायल शर्मा वर्ष 2017 में मुरारी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। वर्तमान में वह समूह की प्रधान और एरिया लेवल फेडरेशन की अध्यक्ष भी हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर मिले और आत्मविश्वास भी बढ़ा। समूह की महिलाओं ने स्वच्छता अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें दिल्ली में सम्मानित किया गया तथा एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि भी प्राप्त हुई। पायल शर्मा ने घर से सिड्डू और कचौरी बनाने का कार्य शुरू किया। मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं से मिली वित्तीय सहायता के बल पर आज उन्होंने शर्मा सिड्डू कचौरी जोन नाम से अपना प्रतिष्ठान स्थापित किया है। यहां सिड्डू, कचौरी, बाबरू, मोमोज, परांठा, मैगी सहित नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध है। उनका प्रतिष्ठान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जोमैटो के माध्यम से भी ग्राहकों तक अपनी सेवाएं पहुंचा रहा है। उनके पति भी इस व्यवसाय में बराबर की भागीदारी निभाते हैं और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ऑर्डर लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह को 10 हजार रुपए का रिवॉल्विंग फंड मिला। इसके अतिरिक्त तीन लाख रुपए का बैंक ऋण तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना पीएमएफएमई के तहत 40 हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग से उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और आज उनका प्रतिष्ठान सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। बकौल पायल शर्मा अपने व्यवसाय से वह प्रतिमाह लगभग 60 से 70 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने अपने प्रतिष्ठान में दो लोगों को नियमित रोजगार भी उपलब्ध करवाया है। उनकी बेटी डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में फूड टेक्नोलॉजी में बी.टेक. की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि बेटा राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरनगर में ग्यारहवीं कक्षा का छात्र है। व्यवसाय से होने वाली आय से बच्चों की शिक्षा सहित परिवार की आर्थिक जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं। पायल शर्मा का कहना है कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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