मिडिल ईस्ट संकट में भी मोदी सरकार बनी ढाल, 10 हजार से अधिक भारतीयों की सुरक्षित वापसी

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मिडिल ईस्ट संकट में भी मोदी सरकार बनी ढाल, 10 हजार से अधिक भारतीयों की सुरक्षित वापसी


धर्मशाला, 03 मार्च (हि.स.)। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह परमार ने मिडिल ईस्ट में उत्पन्न युद्ध जैसे हालातों के बीच भारतीय नागरिकों की बड़े पैमाने पर सुरक्षित वापसी पर केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सशक्त, निर्णायक और प्रभावशाली विदेश नीति का जीवंत उदाहरण है।

परमार ने मंगलवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। ऐसी विषम परिस्थितियों में भी भारत सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक खाड़ी देशों से करीब 10 हजार भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है। इनमें से लगभग 3 हजार भारतीय केवल ईरान से विशेष विमानों के माध्यम से स्वदेश लाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि कुवैत से करीब 2,500 भारतीय, लेबनान की राजधानी बेरुत से 1,500 से अधिक भारतीय, जबकि यूएई और कतर से लगभग 3 हजार भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। यह आंकड़े स्वयं सिद्ध करते हैं कि संकट की घड़ी में मोदी सरकार अपने प्रत्येक नागरिक के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।

परमार ने कहा कि आज ही दुबई से एयर इंडिया की पहली विशेष उड़ान दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर सुरक्षित उतरी, जिसमें विमान से 149 यात्री स्वदेश पहुंचे। यह केवल एक फ्लाइट नहीं, बल्कि भारतीय कूटनीति की सफलता का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार की मदद से लौट रहे अधिकांश नागरिक चार्टर्ड फ्लाइट्स के माध्यम से मुंबई और दिल्ली पहुंच रहे हैं। इसके अतिरिक्त कोच्चि, कोझिकोड, अमृतसर और लखनऊ में विशेष सहायता केंद्र बनाए गए हैं ताकि लौटने वाले प्रवासियों को हर संभव सुविधा मिल सके। विदेश मंत्रालय द्वारा ईरान और लेबनान के लिए रेड अलर्ट जारी कर भारतीयों को यात्रा न करने की सलाह देना सरकार की सतर्कता को दर्शाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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